ताकि हर वोट हो काउंट
कई बार ये भी देखने में आता है कि पोलिंग बूथ पर लगाई गई मशीनें अचानक खराब हो जाती हैं, जिससे बूथ पर लंबी लाइन लग जाती है. लोग हंगामा भी स्टार्ट कर देते हैं. इसी क ो ध्यान में रखते हुए डिस्ट्रिक्ट में 30 परसेंट एक्स्ट्रा वोटिंग मशीन मंगाए जाने की पूरी संभावना है. यही नहीं इन मशीनों की जांच पहले से ही कर ली जाएगी.

संवेदनशील सेंटर्स की रिपोर्ट
चुनाव के दौरान विरोध और बवाल के भी मामले सामने आते हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन ऑफिसर की ओर से पुलिस डिपार्टमेंट से अति संवेदनशील और संवेदनशील पोलिंग सेंटर की लिस्ट मांगी गई है. वहां पर कितनी फोर्स की जरूरत है, ये भी पूछा गया है. इसकी जिम्मेदारी एसपी लेवल के अधिकारी के पास है.

2300 से अधिक
विधानसभा चुनाव के दौरान  डिस्ट्रिक्ट में कुल 2158 पोलिंग स्टेशन बनाए गए थे. इसमें करीब 2100 मेन बूथ और 58 सहायक बूथ बनाए गए थे. दो साल पहले तक डिस्ट्रिक्ट में वोटर की संख्या 21,61,196 थी. अब 1,83,953 वोटर्स की संख्या बढऩे से कुल 23,45,149 वोटर्स संख्या हो गई. इसी को ध्यान में रखते हुए पोलिंग बूथ की संख्या में भी इजाफा किया गया है. इस साल स्टेशन बढ़ाकर 2304 किए गए हैं. साथ ही सभी बूथ परमानेंट बनाए गए हैं. ये बूथ 1165 पोलिंग सेंटर पर बनाए गए हैं.

विस क्षेत्र     पीएस 12  पीएस 14
सिवालखास      303        312
सरधना           307         314
हस्तिनापुर        313        327
किठौर           314         322
कैंट             318         358
शहर            286         302
दक्षिण           317         369
कुल            2158       2304

"विधानसभा चुनावों के मुकाबले इस बार लोकसभा चुनाव में पोलिंग स्टेशन की संख्या में इजाफा किया गया. वहीं संवेदनशील पोलिंग स्टेशन के बारे में भी जानकारी मांगी गई."
- बिरेंद्र कौशिक, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी