क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ: रांची डीटीओ ने पेट्रोल पंपों को 31 दिसंबर तक पॉल्यूशन जांच केंद्र खोलने का लास्ट अल्टीमेटम दिया है. इस बीच केंद्र नहीं खोलने वाले पेट्रोल पंपों का लाइसेंस रिन्यूअल नहीं किया जाएगा. बल्कि लाइसेंस रद करने की कार्रवाई की जाएगी. डीटीओ संजीव कुमार ने बताया कि 15 आवेदन आए हैं लेकिन प्रदूषण जांच केंद्र नहीं रहने के कारण इनका लाइसेंस रिन्यू नहीं किया जा रहा है. संबंधित कंपनियों को पत्र लिखकर 31 दिसंबर अंतिम समय दिया गया है. अगर जांच केंद्र बन जाता है तो ठीक है वरना आगे की कार्रवाई की जाएगी.

रद होगा लाइसेंस

पेट्रोल पंपों पर प्रदूषण जांच केंद्र नहीं होने की शिकायत जिला प्रशासन को मिली है. इसे गंभीरता से लेते हुए डीटीओ संजीव कुमार ने आदेश जारी कर दिया है. इसमें कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले की सुनवाई करते हुए सभी पेट्रोल पंपों पर प्रदूषण जांच केंद्र को अनिवार्य बताया है. पॉल्यूशन जांच केंद्र नहीं खोलने वाले पेट्रोल पंपों के खिलाफ कोर्ट के अवमानना का मामला दर्ज करने के साथ पंप का लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने बताया कि इस संबंध में आमसूचना भी जारी की गई है.

सिटी में करीब 63 पेट्रोल पंप

रांची जिले में अलग-अलग पांच कंपनियों के पेट्रोल पंप हैं. इनमें से शहरी क्षेत्र में करीब 63 पेट्रोल पंप हैं, पेट्रोलियम कंपनियां वाहनों से निकलने वाले धुएं की जांच के लिए पीयूसी मशीन सहित स्मोक यूनिट स्थापित करेंगी. हालांकि, केंद्र खोलने के लिए थर्ड पार्टी को भी प्राथमिकता दी जा सकती है. पेट्रोल पंप पर प्रदूषण जांच केंद्र खुलने से वाहन मालिकों को सुविधा होगी और इससे प्रदूषण नियंत्रण करने में सहूलियत होगी. वर्तमान में जिले के सभी क्षेत्रों में विभिन्न कंपनियों के पेट्रोल पंप संचालित हैं, जहां दो पहिया और चार पहिया वाहन मालिक ईंधन के रूप में पेट्रोल व डीजल खरीदते हैं.

वर्जन

करीब 15 पेट्रोल पंपों ने लाइसेंस रिन्यू के लिए आवेदन दिया है. लेकिन अभी इनका लाइसेंस रिन्यू नहीं किया जा रहा है क्योंकि इन पेट्रोल पंपों पर प्रदूषण कंट्रोल करने के लिए पीयूसी मशीन नहीं लगाई गई है. विभाग ने सख्त आदेश दिया है कि हर पेट्रोल पंप पर केंद्र खोलना अनिवार्य है, जहां पीयूसी सेंटर नहीं खोला जाएगा उनका लाइसेंस रिन्यू नहीं किया जाएगा.

-संजीव कुमार, डीटीओ, रांची