चालाना का ऐलान

- पॉल्यूशन सर्टिफिकेट के लिए सुबह से शाम तक प्रदूषण जांच केंद्रों पर लग रही कतार

- सर्टिफिकेट के लिए मारामारी, तीन-तीन चक्कर काटने पड़ रहे प्रदूषण केंद्र के

देहरादून,

न्यू मोटर व्हीकल (अमेंडमेंट) एक्ट ने व्हीकल ओनर्स की नींद उड़ा रखी है. हालांकि, उत्तराखंड में अभी एक्ट में अमेंडमेंट के बाद बढ़ी हुई चालान की दरों पर कंपाउंडिंग नहीं की जा रही, लेकिन व्हीकल ओनर्स दस्तावेज अपडेट करने में जुटे हुए हैं. पहले जहां पॉल्यूशन सर्टिफिकेट को कोई सीरियसली नहीं लेता था, अब उसके लिए व्हीकल ओनर सुबह 3 बजे से कतार में लग रहे हैं. इसके बाद कहीं शाम तक उन्हें सर्टिफिकेट मिल पा रहा है. दून के सभी पॉल्यूशन टेस्ट सेंटर्स में लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं.

सुबह 4 से 5 बजे तक नंबर की मारामारी

मोहकमपुर स्थित एक प्रदूषण जांच केंद्र में रोजाना सुबह 4 बजे से ही पॉल्यूशन सर्टिफिकेट बनवाने वालों की भीड़ जुट रही है. तड़के टोकन के लिए नंबर बांटे जा रहे हैं, जो जल्दी आओ, जल्दी पाओ के आधार पर दिए जा रहे हैं. इसलिए नंबर लगवाने की भी यहां मारामारी हो रही है. सुबह 4 बजे से 5 बजे तक नंबर लगवाने वालों की भीड़ रहती है, लेकिन सबको नंबर भी नहीं मिल पाता. सीमित संख्या में ही पॉल्यूशन सर्टिफिकेट एक दिन में जारी किए जा रहे हैं.

नंबर के बाद टोकन के लिए चक्कर

सुबह नंबर लगवाने के बाद टोकन के लिए प्रदूषण जांच केंद्र का चक्कर लगाना पड़ रहा है. नंबर के हिसाब से टोकन दिए जा रहे हैं और प्रदूषण जांच के लिए वाहन के साथ आने के लिए वक्त दिया जा रहा है. यानि व्हीकल ओनर को पॉल्यूशन सर्टिफिकेट बनवाने के लिए प्रदूषण जांच केंद्र के तीन-तीन चक्कर काटने पड़ रहे हैं.

एक दिन में केवल 230 पॉल्यूशन सर्टिफिकेट

प्रदूषण जांच केंद्रों पर सीमित संख्या में ही सर्टिफिकेट बन पा रहे हैं. सुबह से लेकर शाम तक केंद्र पर वाहनों की कतार लगी है, जिससे जाम जैसे हालात से भी लोगों को जूझना पड़ रहा है. 230 तक टोकन डिस्ट्रिब्यूट करने के बाद जो लोग पहुंच रहे हैं, उन्हें बैरंग लौटना पड़ रहा है.

सर्वर सुस्त, लग रहा ज्यादा वक्त

पॉल्यूशन सर्टिफिकेट जनरेट करने में भी काफी वक्त लग रहा है. इसका कारण बड़ी संख्या में एक साथ कई केंद्रों पर सर्टिफिकेट बनवाने वालों की भीड़ है. जिसके कारण सर्वर में कंजक्शन काफी ज्यादा है.

कार वालों को इनकार

टू-व्हीलर्स की कतारों के कारण इन दिनों प्रदूषण जांच केंद्र संचालक कार ओनर्स का पॉल्यूशन सर्टिफिकेट नहीं बना रहे. कार वालों को बाद में आने को कहा जा रहा है. ऐसे में वे ज्यादा परेशान हैं. चालान कटा तो मोटा जुर्माना चुकाना होगा और फिलहाल पॉल्यूशन सर्टिफिकेट बनाने को अधिकांश केंद्र तैयार नहीं.

जाम का झाम

प्रदूषण जांच केंद्रों पर वाहनों का पॉल्यूशन टेस्ट कराने वालों की भीड़ के कारण सड़कों पर जाम लग रहा है. हर प्रदूषण जांच केंद्र के बाहर सुबह से शाम तक वाहनों की कतारें लगी हैं, जबकि पार्किग की फैसिलिटी ज्यादातर जगह नहीं है.

तय फीस से ज्यादा वसूली

पॉल्यूशन सर्टिफिकेट जनरेट करने के लिए सरकार द्वारा 70 रुपए फीस तय की गई है. लेकिन, सभी प्रदूषण जांच केंद्र इसका वॉयलेशन कर रहे हैं. अधिकांश केंद्रों पर सर्टिफिकेट के लिए मिनिमम 100 रुपए वसूल किए जा रहे हैं, कई केंद्र 200 रुपए तक वसूले जा रहे हैं.

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कार का पॉल्यूशन सर्टिफिकेट बनवाने आया हूं, लेकिन प्रदूषण जांच केंद्र संचालकों ने फिलहाल साफ मना कर दिया है. कहा जब तक टू-व्हीलर्स का दबाव है, कार का सर्टिफिकेट नहीं बन पाएगा. 16 सितंबर के बाद आने को कहा है. ऐसे में परेशानी हो रही है.

- अंकित सोलंकी, कार ओनर.

सुबह 3 बजकर 51 मिनट पर नंबर लगवाने प्रदूषण जांच केंद्र पहुंच गया था, 96वां नंबर मिला है, इसके बाद टोकन लेने दोबारा आना पड़ा. अब पॉल्यूशन चेक कराने के लिए तीसरी बार चक्कर लगाना पड़ेगा. काफी दिक्कत है, मेरी तरह सारे लोग परेशान हैं.

- राकेश कुमार, टू-व्हीलर ओनर.