- सिटी के आउटर इलाकों में खाली प्लॉट बन रहे कूड़े के मुख्य स्रोत

- मुख्य सड़कों के किनारों से भी नहीं उठ पा रहा कूड़ा

देहरादून,

शहर की सफाई सिर्फ सफाई अभियानों तक सिमट कर रह गई है. हाल यह है कि शहर में न तो रेगुलर कूड़ा उठ रहा है, न ही लोग डस्टबिन में कूड़ा डालने को गंभीर हैं. स्वच्छता के लिए नगर निगम और पब्लिक दोनों को अवेयर होने की जरूरत है और इसी को लेकर दैनिक जागरण आईनेक्स्ट ने बिन में फेंक कैंपेन शुरू की है. पब्लिक इस कैंपेन से जुड़ रही है और दूसरों को भी अवेयर कर रही है. शहर के कुछ अवेयर लोगों ने दैनिक जागरण आईनेक्स्ट से सफाई की बदहाली के फोटोज भी शेयर किए हैं, इस उम्मीद के साथ कि नगर निगम सफाई को लेकर कमर कसेगा.

शहर में सफाई का यह हाल

प्रेमपुरमाफी कौलागढ़

नगर निगम के कौलागढ़ वार्ड में गंदगी की लगातार शिकायत बनी है. नगर निगम की निगाहें यहां तक नहीं पहुंच पा रही. निगम की टीम कभी-कभी डस्टबिन की सफाई तो कर देती है, लेकिन यहां खाली प्लॉट्स में कूड़े के अंबार लगे हैं. जिससे, बीमारियों का खतरा बना हुआ है. जबकि, खाली प्लॉट में कूड़ा डंपिंग पर नगर निगम ने जुर्माने की व्यवस्था की हुई है, इसमें 20 हजार रुपए तक जुर्माना किया जा सकता है.

प्रेमनगर

प्रेमनगर इलाके का कुछ हिस्सा कैंट बोर्ड में शामिल है. यहां जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं, जहां मवेशी और कुत्ते अक्सर देखे जाते हैं. वे गंदगी को सड़कों पर फैला देते हैं. प्रेमनगर के जनरल विंग रामलीला ग्राउंड के पास सबसे ज्यादा गंदगी देखी जाती है. यहां इलाके में डस्टबिन तक का इंतजाम नगर निगम ने नहीं किया है. ऐसे में लोग कूड़ा डालें भी तो कहां.

कारगी चौक

हरिद्वार बाईपास पर कारगी चौक में नगर निगम द्वारा टेंपरेरी गार्बेज डंपिंग जोन बनाया गया है. यहां शहरभर का कूड़ा डंप किया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोग परेशान हैं. यहां से कूड़ा शीशमबाड़ा डंपिंग जोन ट्रांसफर किया जाता है, लेकिन इसमें लापरवाही बरती जाती है. इलाके के लोग लंबे समय से कूड़ा डंपिंग जोन को शिफ्ट करने की मांग कर रहे हैं. हालांकि, नगर निगम द्वारा शिफ्टिंग को लेकर अभी तक कोई प्लान नहीं बनाया गया है.

मोहब्बेवाला

मोहेब्बेवाला इलाके में भी सफाई की हाल बेहद बुरा है. इलाके से रेगुलर कूड़ा नहीं उठाया जा रहा. पिछले कई दिनों से यहां मेन रोड के किनारे कूड़ा डंप किया जाता है. यहां स्थित वार्ड नंबर 79 और 90 में ज्यादा बदहाली देखने को मिल रही है.

पब्लिक कनेक्ट

कौलागढ़ इलाके में खाली प्लॉट पर सबसे ज्यादा कूड़े के ढेर नजर आ रही है. यहां तक निगम की पहुंच नहीं हो पा रही है. कई बार निगम को कंप्लेन दर्ज करने के बाद भी रिस्पांस नहीं मिल पा रहा है.

-विनोद जोशी, कौलागढ़.

मेन सड़कों के किनारे कूड़े के ढेर आसानी से दिख रहे हैं. मोहब्बेवाला इलाके में यह आम बात है. निगम के पास मैन पावर का भी अभाव है. जिस कारण हर जगह कूड़े का प्रॉपर उठान नहीं हो पा रहा है.

-रमेश कुमार मंगू, पार्षद, टर्नर रोड.

कारगी चौक पर टेंपरेरी डंपिंग जोन सबसे ज्यादा मुसीबत का सबब बन चुका है. आए दिन कूड़ा डंप करने वाले व्हीकल से जाम का झाम झेलना पड़ता है. जबकि यहां से गुजरने वालों व स्थानीय लोगों का बुरा हाल है. कोई सुनने को तैयार नहीं.

-शिवेंद्र वालिया, हरिद्वार बाईपास रोड.

प्रेमनगर में कई इलाकों में कूड़े का उठान नहीं हो पा रहा है. जबकि देशभर में स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है. यह सरासर निगम व कैंट बोर्ड का उदासीन रवैया है. जिससे स्थानीय लोगों में आक्रोश बना हुआ है.

सरिता उनियाल, जनरल विंग, रामलीला ग्राउंड प्रेमनगर.