आरटीओ ने शुरु की पुरानी गाड़ी के नंबर की पोर्ट की सुविधा

1 सितंबर से शुरू हो गई नंबर पोर्ट कराने की सुविधा

1 हजार रुपये देने होंगे दोपहिया वाहनों के नंबर पोर्ट कराने में

5 हजार रुपए का भुगतान करना होगा चौपहिया वाहन के नंबर पोर्ट कराने में

Meerut. पुरानी गाडि़यों के नंबर के शौकीनों को अब अपनी नई गाड़ी पर भी पुराने नंबर की सुविधा आसानी से उपलब्ध होगी. परिवहन विभाग ने इस माह से अपनी पसंद की पुरानी या पैतृक गाडि़यों के नंबर को पोर्ट कराने की सुविधा शुरू की है. इसके तहत कोई भी आवेदक किसी पुराने नंबर को अपनी नई गाड़ी पर ले सकता है. बस वह पुरानी गाड़ी संचालन की अवस्था में नही होनी चाहिए.

पोर्ट कराने के लिए देनी होगी फीस

दरअसल परिवहन विभाग ने पुराने नंबरों के शौकीनों की लगातार बढ़ती संख्या के साथ अपने राजस्व वृद्धि के साथ नंबर पोर्ट कराने की सुविधा की शुरुआत 1 सितंबर से शुरु कर दी है. इस सुविधा में दुपहिया वाहन के लिए एक हजार और चौपहिया वाहन के लिए 5 हजार रुपए का भुगतान करना होगा.

गाड़ी के मॉडल के अनुसार होगा पोर्ट

नंबर पोर्ट कराने की इस सुविधा का लाभ केवल उन्ही आवेदकों को मिलेगा जिनके पास खुद की पुरानी गाड़ी है यानि केवल अपनी पुरानी गाड़ी का ही नंबर नई गाड़ी पर ले सकते हैं. साथ ही साथ केवल वही नंबर नई गाड़ी पर पोर्ट किया जाएगा जो गाड़ी संचालन से बाहर यानि सरेंडर हो चुकी है. इसके साथ गाड़ी का नंबर उसी के मॉडल की नई गाड़ी यानि अगर जीप मॉडल की पुरानी गाड़ी का नंबर जीप पर ही पोर्ट होगा. मारुति या हुंडई पर नही. आपके पास पुरानी मारुति गाड़ी है या फिएट या अंबेसडर है तो आप उसका नंबर अपनी नई हुंडई, मारुति या फाइव सीटर गाड़ी पर ले सकेंगे.

1 सितंबर से हुए संशोधन के अनुसार गाडि़यों के पुराने नंबर पोर्ट करने की सुविधा शुरु की गई है. लेकिन यह पोर्ट केवल पुरानी गाड़ी के मालिकों को दी जाएगी.

सीएल निगम, आरआई