क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ : राजधानी रांची में 'पावर क्राइसिस' थम नहीं रहा है. सोमवार को भी बिजली के आने-जाने का सिलसिला जारी रहा. कई इलाकों में लोड शेडिंग के जरिए पावर सप्लाई की गई. इसकी वजह डिमांड के अनुरुप बिजली नहीं मिलना है. शहर को हर दिन 300 मेगावाट बिजली की जरूरत है, लेकिन मात्र 205 मेगावाट ही मिली. इस वजह से बूटी मोड़, बरियातू, लालपुर, अपर बाजार, रातू रोड, पिस्का मोड़, किशोर गंज, हरमू डोरंडा, हिनू और धुर्वा इलाके में घंटों बिजली गुल रही. इस वजह से लोगों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ा.

तीसरे दिन भी टीवीएनएल ठप

झारखंड के इकलौते पावर प्रोडक्शन प्लांट टीवीएनएल से लगातार तीसरे दिन कोयले की कमी के कारण बिजली उत्पादन ठप रहा. मालूम हो कि इन दोनों यूनिट की उत्पादन क्षमता 420 मेगावाट है. सामान्य दिनों में यहां से 360 मेगावाट बिजली उत्पादन होता है. लेकिन, अभी दोनों यूनिट बंद पड़े हैं, जिसकी वजह से बिजली संकट गहराता जा रहा है. इसी का नतीजा है कि राजधानी में भी पावर सप्लाई सिस्टम प्रभावित हुई.

महीनों से बंद है पीटीपीएस, सेंट्रल पूल से कम सप्लाई

झारखंड में बिजली संकट की एक बड़ी वजह पीटीपीएस का पिछले कई महीनों से बंद रहना है. एनटीपीसी की ओर से प्लांट का रिनोवेशन किया जा रहा है. इसके अलावा सिकिदरी हाइडल प्लांट से भी बिजली उत्पादन नहीं हो रहा है. सेंट्रल पूल से भी जरुरत के हिसाब से बिजली सप्लाई नहीं हो रही है. डीवीसी, इनलैंड पावर व आधुनिक पावर से झारखंड को बिजली मिल रही है, लेकिन यहां हर दिन 2200 मेगावाट की जरूरत को पूरा नहीं कर पा रही है.