फीरोजाबाद: बुधवार को आठ घंटे की कटौती से शहर में हा-हाकार मच गया. फैक्ट्रियां में कामकाज प्रभावित रहा, वहीं जनता पसीना से तर-बतर हो गई. जेनरेटर हांफ उठे. कई जेनरेटर तो जवाब दे गए. इंडस्ट्रियल फीडर क्षेत्र अंतर्गत 33 केवीए के तार बदलने के कारण यह कटौती की गई है.

बुधवार को नगला भाऊ स्थित इंडस्ट्रियल विद्युत उपकेंद्र क्षेत्र अंतर्गत 33 केवीए के तार बदलने का कार्य हुआ. दोपहर करीब 12 बजे से बिजली काट दी गई, जो रात आठ बजे ही सुचारु हो सकी. आठ घंटे की बड़ी कटौती से शहर में हा-हाकार मच गया. घरों में लगे इन्वर्टर जवाब दे गए. जिन घरों, संस्थानों और फैक्ट्रियों में जेनरेटर का प्रयोग किया गया, वे भी लगातार चलाए जाने से हांफ उठे. कई जेनरेटर तो जवाब दे गए. आठ घंटे की कटौती से आम जनता खासी परेशान रही. लोग घरों में पंखे झलते दिखाई दिए. हाल यह था कि लोग तीखी धूप और उमस के कारण पसीना से तर बतर हो गए. लोग बिजली का इंतजार करते रहे, मगर वह नहीं आई. इस कटौती से हर कोई बेहाल हो उठा. रात आठ बजे बिजली आई, लेकिन उसके बाद भी पल-पल पर आना-जाना लगा रहा. लोग गर्मी से थोड़ा राहत पाते कि फिर बिजली गायब हो जाती. इस तरह का सिलसिला काफी देर तक चलता रहा.

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फुक गया हजारों का डीजल

नगला भाऊ में तमाम फैक्ट्रियां हैं, जहां की विद्युत आपूर्ति इंडस्ट्रियल फीडर से होती है. इसके अलावा काफी बड़ा इलाका भी इसी फीडर से जुड़ा हुआ है. आठ घंटे की कटौती से फैक्टि्यों में जेनरेटर दहाड़ें मारते रहे. वहीं अनेक प्रमुख घरों में भी जेनरेटर चलाए गए. इन जेनरेटरों में हजारों रुपये का डीजल फुंक गया.