LPG और डीजल पर गिरी गाज

वित्त मंत्री ने आम जनता को कड़वी दवा का पहला डोज एलपीजी सिलेंडर का दे दिया. उन्होंने एलपीजी सिलेंडर पर सब्सिडी खत्म करने का फैसला लिया है. हालांकि जरूरतमंदों के लिये अभी भी सब्सिडी की व्यवस्था लागू रहेगी. उन्होंने सरकारी खर्चों को 4.1 परसेंट तक कम करने का प्रावधान रखा है. इसके साथ ही उन्होने डीजल के दामों में चरणबद्ध तरीके से बढ़ोत्तरी का फैसला किया है.

FDI से मिलेगा सहारा

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अपने इस बजट में एफडीआई पर काफी जोर दिया है. उन्होने प्राय: सभी क्षेत्रों में इसे लागू करने का निर्णय लिया है. वित्त मंत्री ने कहा कि हमने रक्षा विभाग में एफडीआई की मंजूरी को 26 परसेंट से बढ़ाकर 49 परसेंट करने का फैसला लिया है. इसके साथ ही इंश्योरेंस में भी इसको 49 फीसदी तक बढ़ा दिया गया है. वित्त मंत्री ने सभी सरकारी बैंकों के शेयर बेचने का भी प्रावधान रखा है. इसके साथ ही उन्होंने स्मार्ट शहर की जिम्मेदारी भी एफडीआई को दे दी है. पैसों के सही इस्तेमाल के लिये जेटली ने पीपीएफ के पैसों को सरकारी कामों में खर्च करने का अहम निर्णय लिया है.

Industrial Smart Area

वित्त मंत्री ने अपने इस बजट में उद्योगों को बढ़ावा देने की भी पूरी योजना बना ली है. उन्होने कहा कि हमारी सरकार ग्रामीण उद्योग और छोटे उद्योगों को लगातार प्रोत्साहित करने का भरसक प्रयास करेंगे. इसके लिये हमने 100 करोड़ रुपये का प्रावधान दिया है. इसके साथ ही छोटे और मझोले उद्योगों को बढ़ावे के लिये आसान कर्ज की सुविधा प्रदान की है. वित्त मंत्री ने इसके साथ ही SEZ को दोबारा शुरू करने का भी विचार किया है. युवाओं को रोजगार परक बनाने के लिये वित्त मंत्री ने दक्ष भारत स्कीम की शुरूआत कर है. इसके साथ-साथ रोजगार को बढ़ावा देने के लिये 7 इंडस्ट्रियल स्मार्ट एरिया बनाये जाने का प्रावधान रखा है.

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