- दून हॉस्पिटल के मेडिकल कॉलेज बनने के बाद बिगड़े हालात

- दवा, पानी और रुई भी नहीं मिल रही हॉस्पिटल में

- आईनेक्स्ट के रीडर्स सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे अपनी समस्या

DEHRAUN: दून अस्पताल में आए दिन परेशानियों से जूझ रही जनता दून हॉस्पिटल को मेडिकल कॉलेज में मर्ज करने का विरोध कर रही है. आईनेक्स्ट के रीडर्स लगातार अपनी प्रॉब्लम सोशल मीडिया के माध्यम से सामने रख रहे हैं. रीडर्स का कहना है कि दून हॉस्पिटल को मेडिकल कॉलेज में मर्ज करके शासन ने गरीबों का हक तक छीन लिया है.

सीएमएस को वित्तीय अधिकार भी नहीं

दून हॉस्पिटल में पानी से लेकर दवाइयों और रुई तक के लिए मरीज परेशान हैं. बार-बार कहा जा रहा है कि हॉस्पिटल में बजट की कमी है. जब से दून हॉस्पिटल, मेडिकल कॉलेज में तब्दील हुआ है, तब से यहां का सारा सिस्टम ही बदल गया है. दून हॉस्पिटल के सीएमएस से वित्तीय अधिकार भी छिन गए हैं. बताया जा रहा है कि इसी कारण अब बजट की समस्या सामने आ रही हैं.

आई कनेक्ट..

राजकीय दून मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल ही गरीबों का एकमात्र सहारा है, लेकिन जिस प्रकार मेडिकल कॉलेज में समस्यायें उत्पन्न हो रही हैं, उससे भारी दिक्कतें हो रही हैं.

रहमान, देहरादून

दून हॉस्पिटल में अक्सर पानी का संकट रहता है, जिससे मरीजों को बाहर से पानी खरीदना पड़ता है. अगर पानी मिलता भी है तो साफ नहीं मिलता, पता नहीं यहां के हालात कब सुधरेंगे.

दानिश, कारगी

दून हॉस्पिटल सिर्फ राजधानी ही नहीं पहाड़ का भी एक मात्र सहारा है, पर सरकार ने इसको मेडिकल हॉस्पिटल बनाकर सबके लिए मुसीबत खड़ी कर दी है. अब यहां पानी तक पीने को नहीं मिल रहा.

लोकेश, धर्मपुर

अगर मंत्री या अधिकारी चाहें तो हॉस्पिटल के हालात सुधर सकते हैं, लेकिन कोई सुध लेने वाला है ही नहीं. हॉस्पिटल में दवा तक मरीजों को नहीं मिल रही है, समझा जा सकता है कि मरीजों को कितनी परेशानियां यहां हो रही होंगी.

प्रदीप, अपर राजीवनगर

आई कनेक्ट

अगर आप भी परेशान हैं दून हॉस्पिटल की बदहाली से तो अपनी परेशानी हमसे शेयर करें.

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