फर्जी तरीके से प्रापर्टी लोन का गारंटर बना देने का आरोप लगाया सुसाइड नोट में

लोन लेने वाला हुआ डिफाल्टर तो खुद भर रहे थे किश्त, दो महीने की किश्त नहीं जमा की तो बैंक से बन रहा था प्रेशर

PRAYAGRAJ. नीम सराय कालोनी में रहने वाले प्रापर्टी डीलर अक्षय कुमार सिंह पटेल शुक्रवार को अपने घर में मृत पाये गये. दशहरा मनाने पैतृक घर गये परिवार के लोगों के लौटने पर इसका पता चला. पुलिस को मौके से सुसाइड नोट मिला है इससे मौत के कारणों का खुलासा हुआ है. पुलिस ने बॉडी को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और छानबीन कर रही है. मृतक के पुत्र ने पिता के साथ फ्रॉड करने वाले व्यक्ति के साथ बैंक मैनेजर के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज करायी है.

बेटे का फोन नहीं उठा तो हुआ शक

मृतक का नाम अक्षय कुमार सिंह पटेल था. उम्र करीब 45 साल के आसपास थी. उनके पिता चंद्रभूषण मूलरूप से कौशांबी जिले के ग्राम उदहिन सिराथू के हैं. अक्षय खुद प्रापर्टी डीलिंग का काम करते थे. उन्होंने धूमनगंज थाना क्षेत्र के नीम सराय कॉलोनी में घर बनवा रखा है. पत्‍‌नी पुष्पा और एकलौते बेटे रितिक के साथ रहते थे. दशहरे की छुट्टी पर बेटा और पत्‍‌नी कौशांबी गांव गए हुए थे. वह घर पर अकेले थे. शुक्रवार सुबह बेटे ने पिता को कई बार फोन किया लेकिन एक भी बार कॉल रिसीव नहीं हुई. इससे उसे अनहोनी का शक हुआ और उसने पड़ोस में रहने वाले रिश्तेदार को कॉल किया और घर जाकर पता करने का आग्रह किया कि उसके पिता किस स्थिति में हैं. पड़ोसी जब घर पहुंचा तो देखा कि वह जमीन पर मृत पड़े हुए हैं. यह सूचना बेटे तक पहुंची तो परिवारवालों के पैरों तले से जमीन खिसक गयी. तत्काल वे धूमनगंज पहुंचे और पुलिस को सूचना दी. मृतक के बेटे रितिक की तहरीर पर धूमनगंज पुलिस ने कर्नलगंज शाखा के एक बैंक मैनेजर और मन्नू उर्फ अमरजीत के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है.

डायरी पर लिखा सुसाइड नोट

मृतक के कमरे से पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला है. इसमें स्पष्ट कहा गया है कि बैंक का लोन भरते हुए वह तंग आ चुका है. किश्त भरने की क्षमता नहीं है. दो महीने से किश्त नहीं भर पा रहा है और बैंक उस पर लगातार प्रेशर बना रहा है. इस स्थिति में उसे आत्महत्या के अलावा कोई रास्ता दिखायी नहीं दे रहा है. इसी के चलते वह विषाक्त पदार्थ खाकर जान दे रहा है. डायरी पर ही सुसाइड नोट होने के चलते पुलिस ने इसे जब्त कर लिया है.

जमीन, लोन सब मिला फर्जी

मृतक की डायरी में मिली डिटेल से फ्रॉड की एक नयी स्टोरी सामने आयी है. मृतक के बेटे ने रिपोर्ट दर्ज करा दी है तो अब पुलिस की मजबूरी है कि वह प्रकरण की जांच करके कार्रवाई करे. इस स्टोरी के अनुसार मृतक को एक ऐसी जमीन की बिक्री में गारंटर बना दिया गया था जिसके बारे में उसे कुछ पता ही नहीं था. 25 लाख रुपये का लोन लिया गया था. कहा जा रहा है कि जिस गाटा संख्या की जमीन की बिक्री दिखायी जा रही है उस पर वह जमीन ही नहीं है. लोन लेने वाला भी फर्जी बताया जा रहा है. यह सही है तो बैंक की लोन विंग से लेकर शाखा प्रबंधक तक की मिलीभगत सामने आ सकती है. इससे ऐसा खुलासा हो सकता सकता है जो बैंकों का एनपीए बढ़ाने का जिम्मेदार है. बैंककर्मियों के फ्रॉड की परतें खोलने वाला होगा.