नई कंपनी में समायोजन की मांग को लेकर कूच के दौरान पुलिस से नोक-झोंक

प्रदर्शनकारियों को काबू करने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया

देहरादून,

108 इमरजेंसी सर्विस के पूर्व कर्मियों ने नई कंपनी में समायोजन की मांग को लेकर ट्यूजडे को सचिवालय कूच किया. कूच के दौरान सुभाष रोड पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बैरिकेडिंग लगाकर रोक लिया. इस पर प्रदर्शनकारी उग्र हो गए. प्रदर्शनकारियों को काबू करने के लिए पुलिस ने हल्क बल प्रयोग किया. पुलिस ने सभी पूर्व कर्मचारियों को गिरफ्तार कर सुद्धोवाला जेल ले गई.

30 अप्रैल से धरना

उत्तराखंड के 108 आपातकालीन सेवा और खुशियों की सवारी सेवा के 700 से ज्यादा पूर्व कर्मी अपनी मांगों के समाधान को लेकर 30 अप्रैल से अनिश्चिकालीन धरने पर हैं. संघ के अध्यक्ष विपिन जमलोकी ने कहा कि आज सरकार 11 साल से रोजगार में लगे हुए कर्मचारियों को हटाने का काम कर रही है. जिसे किसी भी दशा में सहन नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि सीएम से वार्ता किये जाने के बाद भी आज तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है. प्रदेश की स्वास्थ्य सेवायें चरमरा गई है. प्रदेश सरकार कैंप संस्था को आपातकालीन सेवा और खुशियों की सवारी का काम बाहरी लोगों को दिया गया है. इस सेवा से 11 वर्षो से जुड़े रहे कर्मचारियों को बाहर निकाला जा रहा है जिसे किसी भी दशा में सहन नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से कोई भी कार्ययोजना नहीं तैयार की गई है.

350 कर्मचारियों को किया गिरफ्तार

परेड ग्राउंड में धरना देने के बाद 108 के पूर्व कर्मचारियों ने सचिवालय कूच किया. कूच के दौरान प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रोक लिया. इसके बाद वे वहीं धरने पर बैठ गए. जैसे ही प्रदर्शनकारी उग्र हुए तो पुलिस ने उन पर लाठियां भाजनी शुरू कर दिया. अधिक विरोध होने पर प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने 350 कर्मचारियों को गिरफ्तार कर सुद्धोवाला जेल ले गई. इसके बाद सभी कर्मचारियों को छोड़ दिया गया.