- प्राइवेट आयुष कॉलेजेज की मनमानी और बढ़ी हुई फीस को लेकर आयुष स्टूडेंट्स का आंदोलन जारी

- बीते 41 दिन से कर रहे आंदोलन, 26 दिन से अनशन जारी

एक नजर आंदोलन पर

41- दिन से आंदोलन जारी

26 दिन हो चुके अनशन को

14 स्टूडेंट्स बैठे अनशन पर

18 स्टूडेंट्स किए जा चुके हॉस्पिटल एडमिट

देहरादून,

प्राइवेट आयुष कॉलेजेज की मनमानी और बढ़ी हुई फीस को लेकर 41 दिन से आंदोलन कर रहे आयुष स्टूडेंट्स और कॉलेजेज के साथ ही राज्य सरकार के बीच तनातनी कम होने का नाम नहीं ले रही है। इधर संडे को 5 दिन से अनशन कर रहे आयुष स्टूडेंट सौरभ सरकार की शाम को तबीयत बिगड़ने की वजह से आनन-फानन में दून हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। इसके बाद संडे की रात में आंदोलन कर रहे स्टूडेंट्स ने कैंडल मार्च निकाल विरोध दर्ज कराया। स्टेट गवर्नमेंट और कॉलेजेज को गांधीगीरी का संदेश देने के लिए धरनास्थल पर देर रात को प्रोजेक्टर पर गांधी मूवी भी देखी।

14 स्टूडेंट्स कर चुके हैं अनशन

डेढ़ माह से प्राइवेट आयुष कॉलेजेज और स्टूडेंट्स के बीच अब तक फीस को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। ऐसे में स्टूडेंट्स आंदोलन को किसी भी सूरत में खत्म न करने का मन बना चुके हैं। एनुअल एग्जाम को भी दाव पर लगाकर स्टूडेंट्स धरनास्थल पर डटे हैं। स्टूडेंट्स लीडर ललित तिवारी ने बताया कि आंदोलन को 41 दिन पूरे हो गए हैं। जबकि अनशन को 26 दिन हो गए हैं। अब तक अनशन पर 14 स्टूडेंट्स बैठ चुके हैं, जबकि 18 स्टूडेंट्स को हॉस्पिटल में भर्ती कराया जा चुका है। इधर बीते 5 दिन से अनशन कर रहे आयुष स्टूडेंट्स सौरभ सरकार का बीपी और ब्लड शुगर लेवल गिरने से संडे को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टर्स की टीम ने सौरभ को एडमिट कर इलाज शुरू कर दिया है। जबकि दूसरे स्टूडेंट्स का लगातार धरना स्थल पर विरोध प्रदर्शन जारी है। रात में स्टूडेंट्स ने कैंडिल मार्च भी निकालकर स्टेट गवर्नमेंट और कॉलेजों के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद स्टूडेंट्स ने धरनास्थल पर ही प्रोजेक्टर लाकर गांधी मूवी देखी। स्टूडेंट्स ने बताया कि मूवी के माध्यम से सरकार और कॉलेजों को राष्ट्रपिता के आदर्शो पर चलने का संदेश देने की कोशिश की है।

यह है मामला

राज्य सरकार ने 2015 में जीओ जारी कर प्राइवेट आयुष कॉलेजेज में ट्यूशन फीस 80 हजार रुपये से बढ़ाकर सवा 2 लाख रुपये कर दी थी। कॉलेजेज ने जीओ जारी होते ही पुराने बैच के सभी स्टूडेंट्स से बढ़ी हुई फीस वसूलनी शुरू कर दी। इसके खिलाफ हिमालय आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज भानियावला थर्ड इयर के स्टूडेंट ललित तिवारी ने नैनीताल हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। जिस पर कोर्ट ने शासन द्वारा बढ़ाये गए शुल्क के आदेश को निरस्त कर दिया था। लेकिन कॉलेजों ने कोर्ट के फैसले के विपरीत स्टूडेंट्स से बढ़ी हुई फीस वूसलनी जारी रखे। इसके खिलाफ उत्तराखंड के 16 आयुष कॉलेजेज के 3500 स्टूडेंट्स के परिवार अपना काम काज छोड़ स्टेट गवर्नमेंट के खिलाफ धरना दे रहे हैं।

Posted By: Inextlive

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