- रोडवेज कर्मियों ने 16 जनवरी से हड़ताल पर जाने का लिया था निर्णय, शासन से वार्ता के बाद टली हड़ताल

- शासन ने कर्मचारियों की मांगों पर कार्रवाई का दिया आश्वासन

DEHRADUN: रोडवेज कर्मचारियों ने अपनी बेमियादी हड़ताल 30 जनवरी तक के लिए स्थगित कर दी है. रोडवेज कर्मियों ने 16 जनवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का ऐलान किया था लेकिन, इससे पहले ही सरकार ने उन्हें मना लिया. अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने मंगलवार शाम सचिवालय में आपात बैठक बुलाकर कर्मचारियों से बातचीत की और मांगें मानने का भरोसा दिया. जिसके बाद हड़ताल स्थगित कर दी गई.

30 जनवरी तक टली हड़ताल

रोडवेज कर्मी कुमाऊं मंडल में निजी बस आपरेटरों को परमिट के प्रस्ताव निरस्त करने की जिद पर अड़े हुए थे. सरकार ने भरोसा दिया है कि रोडवेज के हितों को देखते हुए परमिट पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा. सरकार ने पर्वतीय मार्गो पर संचालन से रोडवेज को हो रही आर्थिक क्षति की प्रतिपूर्ति के लिए मंत्रीमंडल की बैठक के निर्णय के अनुसार फैसला लेने की बात कही. इसके मद्देनजर रोडवेजकर्मियों ने मंगलवार आधी रात से प्रस्तावित हड़ताल 30 जनवरी तक टाल दी है. साथ ही चेतावनी दी कि अगर दिए गए समय तक शासनादेश जारी नहीं किया गया तो 30 जनवरी की रात से ही कर्मी हड़ताल पर चले जाएंगे. सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि किसी भी समस्या का समाधान बातचीत से हो सकता है. प्रदेश के विकास में सभी को सहयोग करना चाहिए और समस्याओं के निदान को वार्ता के लिए आगे आना चाहिए. हमारा प्रदेश हड़ताली प्रदेश नहीं बने, इसके लिए सभी संगठनों को प्रदेश के हित में सोचना होगा. रोडवेज कर्मियों ने भी बातचीत के जरिए आंदोलन स्थगित किया, यह कदम स्वागत योग्य है.