- तीन लाख रुपए तक का भरना होगा जुर्माना

- मूल्यांकन में सामूहिक नकल की आ रही हैं शिकायतें

- पकड़ी गई एक रोल नंबर की दो कापियां

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MEERUT: यूपी बोर्ड मूल्यांकन में अब सामूहिक नकल साबित होने पर तीन लाख रुपए तक का जुर्माना भी हो सकता है. अभी हाल फिलहाल में वाराणसी के एक सेंटर पर जब किसी तरह की सामूहिक नकल का खेल सामने आया तो उससे भी फाइन लगाया चुका है. अब बोर्ड ने अन्य जिलों को भी सूचित कर दिया है यदि सामूहिक नकल की सम्भावना होती है तो जल्द से जल्द सूचित करें और उसकी आख्या भी तैयार करके बोर्ड को जारी भी कर दें.

सामूहिक नकल

बोर्ड के नियमानुसार बोलकर नकल कराना, किसी की कापी में दो तरह की राइटिंग होना, बराबरी के नम्बर का एक जैसा काम होना, एक ही सेंटर यह सभी सामूहिक नकल में ही शामिल है. अगर बोलकर नकल गई तो उसे भी सामूहिक में कैटगरी में माना जाएगा. सिटी के मूल्यांकन सेंटर्स पर परीक्षक भी कई जिलों की कापियों में नकल की सम्भावना जता चुके हैं. हालांकि कुछ की आख्या तैयार की जा चुकी है और कुछ का तो अता पता तक नहीं है.

तीन लाख रुपए जुर्माना

बोर्ड ने साफ कर दिया है अगर किसी भी केंद्र पर सामूहिक या किसी इमला बोल नकल की सम्भावना सामने आती है. तो इसके लिए केंद्र को तीन लाख रुपए तक का जुर्माना भरना होगा. केवल यहीं नहीं बल्कि केंद्र संबंधित कक्ष निरीक्षकों पर एफआईआर दर्ज कराने के साथ ही केंद्र डिबार हो जाएगा. डीआईओएस शिव कुमार ओझा का कहना है कि कुछ सामूहिक नकल की शिकायतें तो सामने आई हैं, संबंधित आख्या तैयार कर सीधा बोर्ड को भेजी जा रही है. बोर्ड में बैठक के बाद जांच के परिणामों के अनुसार ही कार्रवाई होगी. डीआईओएस का कहना है अगर नकल साबित होती है तो संबंधित केंद्र डिबार हो जाएगा और जुर्माना तक भी वसूला जा सकता है.

फिर से पकड़ी गई एक रोल नम्बर की दो कापी

यूपी बोर्ड मूल्यांकन में एक बार फिर से एक रोल नम्बर की दो कापियां पकड़ी गई हैं . सनातन धर्म ब्वॉयज इंटर कॉलेज में जौनपुर जिले की इंटर की हिंदी विषय की एक रोल नम्बर की दो कापियां पकड़ी गई हैं. कापी की आख्या तैयार करके बोर्ड को दे दी गई है. बोर्ड द्वारा जांच के बाद ही कार्रवाई की जाएंगी.

एबसेंट परीक्षकों की लगेगी क्लास

यूपी बोर्ड मूल्यांकन सिटी के चार सेंटर पर अभी ब्0 प्रतिशत परीक्षक गायब हैं. सेंटर्स पर जिन परीक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी उनमें से बहुत से परीक्षक बिना किसी कारण व सूचना के गायब है. इस संबंध में डीआईओएस शिव कुमार ओझा को भी सूचित किया जा चुका है. डीआईओएस शिव कुमार ओझा ने बताया कि चारों ही सेंटर से इस तरह की शिकायत आ रही हैं. इसलिए एबसेंट होने वाले परीक्षकों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएंगी.