newsroom@inext.co.in: पुलवामा टेरर अटैक में शहीदों के पार्थिव शरीर जब शनिवार को उनके घर पहुंचे तो परिजनों की आंखें जरूर डबडबा रही थीं, लेकिन गर्व था कि उनका कोई अपना देश के काम आया। आतंकियों की कायराना हरकत के खिलाफ आक्रोश भी था और ये विश्वास भी था कि जल्द ही सरकार कोई बड़ा कदम उठाएगी, जिससे इन जवानों की शहादत का बदला लिया जा सकेगा। इन शहीदों को राजकीय सम्मान के साथ नम आंखों से आखिरी विदाई दी गई। जगह-जगह पर लोग हाथों में फूल-माला और तिरंगा लेकर देश के सपूत को श्रद्धांजलि देने के लिए उमड़ पड़े थे।

कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक के जवान
गुरुवार को पुलवामा जिले में जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग पर सीआरपीएफ बस पर आतंकी हमला हुआ। इसमें करीब 40 सीआरपीएफ के जवान शहीद हुए। इस हमले के शहीदों में कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक के जवान हैं। उत्तर से लेकर दक्षिण, पूरब से लेकर पश्चिम तक जवानों की शहादत पर देश में गुस्सा है। इस हमले में शहीद जवान देश के 16 राज्यों से आते हैं। शहीदों में उत्तर प्रदेश से 12 व राजस्थान से पांच, पंजाब से चार और उत्तराखंड से तीन जवान हैं।  इनके अलावा शहीद होने वालों में असम से एक, बिहार से दो, हिमाचल प्रदेश से एक, जम्मू और कश्मीर से एक आदि जवान शामिल हैं।

Pulwama Terror Attack : कोई बच्चे का मुंह न देख सका तो किसी की होने वाली थी शादी, ये शहीद छोड़ गए कुछ एेसी कहानी

Pulwama Terror Attack : तिरंगे में लिपटा पहुंचा जब लाल, नहीं थमीं आंसुआें की धार

National News inextlive from India News Desk