सोशल मीडिया पर वायरल मैसेज
अभी लोगों पर तिरंगे को अपनी डीपी बनाने का क्रेज छाया ही था कि सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक मैसेज ने सनसनी फैला थी- " Indian Constitution doesn’t allow us to make Indian Tricolour as Profile pic or stitch or paste it anywhere. Indian Tricolour should only be unfurl to fluttet freely in air and as an Indian its our Fundamental duty to give all due respect to the Tricolor. Provisions of the Emblems and Names (Prevention of Improper Use) Act, 1950 (No.12 of 1950) and the Prevention of Insults to National Honour Act, 1971 (No. 69 of 1971). Here by Request everyone to remove their DP of Indian Flag" दरअसल लोगों को ये मैसेज मिला कि तिरंगे को अपनी डीपी बनाना या इसे सोशल मीडिया पर सर्क्युलेट करना इललीगल है और ऐसा करना हमारे नेशनल फ्लैग की डिसरिस्पेक्ट है. यह मैसेज मिलते ही लोगों ने फिर से तिरंगे को हटाकर अपनी डीपी चेंज करना शुरू कर दिया. लेकिन तभी मामले में ट्विस्ट आ गया.

महज मजाक था ये मैसेज
इस मैसेज के वायरल होने के बाद जब लीगल एक्सपर्ट्स से बात की गई तो उन्होंने इस मैसेज में किए गए दावे को गलत बताया. लॉयर्स के मुताबिक यह मैसेज महज एक मजाक है. टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी एक खबर में एक लॉयर को कोट किया गया है. इसमें कहा गया है कि भारत के सभी लोगों को यह हक है कि वे तिरंगे की तस्वीर बिना किसी रिस्ट्रिक्शन के शेयर कर सकते हैं. लॉयर ने कहा कि ये मैसेज मिसलीडिंग है. ऐसा करना सिर्फ एक कंडीशन में गैरकानूनी होगा, अगर तिरंगे पर कुछ डेरोगेटरी चीजें लिखी गई हों या दिखाई गई हों. इसका मतलब यह हुआ कि तिरंगे को वाट्सऐप या फेसबुक डीपी बनाना बिल्कुल भी इललीगल नहीं है. हैप्पी इंडिपेंडेंस डे!

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Posted By: Shweta Mishra

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