-ट्रेन में जर्नी करने वाले पैसेंजर्स से 30 मिनट पहले ही लिया जाएगा कंबल, चादर व तौलिया

-रेलवे ने सामानों की चोरी रोकने को उठाया नया कदम

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VARANASI

ट्रेन में सफर करने जा रहे हैं तो अपने साथ कुछ ऐसा इंतजाम लेकर जिससे ठंड से बचा जा सके नहीं तो कड़ाके की ठंड में आपको ट्रेन का सफर भारी पड़ सकता है. रेलवे की ओर से दिया जाने वाला कम्बल आपका स्टेशन आने से आधा घंटे पहले ही छीन लिया जाएगा और आगे की यात्रा आपको कंपकपाते हुए करनी पड़ सकती है.

ताकि चोरी पर लग जाए लगाम

आए दिन ट्रेन के कोचेज से कंबल, तकिए, चादर और तौलिए की चोरी को रोकने के लिए रेलवे ने प्लान बनाया है. जर्नी के दौरान एसी कोच में यात्रियों को दो चादर, एक तकिया, एक तकिया कवर, एक तौलिया और एक कंबल दिया जाता है. सफर पूरी होने के बाद यात्री ये सभी सामान अपनी सीट पर छोड़कर चला जाता था. उसके बाद कोच में तैनात कर्मचारी वो सभी सामान उठाकर ले जाते हैं. लेकिन हर साल कैग की रिपोर्ट से खुलासा होता है कि यात्रा के दौरान ट्रेन से लाखों रुपये के तौलिए, चादर, कंबल और ताकिया कवर चोरी हो गए. चोरी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए रेल मंत्रालय ने एक नया फरमान जारी किया है. इसके तहत अब एसी कोच में यात्रा कर रहे यात्री से उसका स्टेशन आने से आधा घंटा पहले ये सभी सामान कलेक्ट कर लिया जाएगा.

तौलिए की जगह नैपकिन

रेलवे की रिपोर्ट के मुताबिक ट्रेन से सबसे ज्यादा तौलिए चोरी होते हैं. इसी को देखते हुए रेलवे ने अब तौलिए की जगह यूज एण्ड थ्रो वाला नैपकिन देना स्टार्ट कर दिया है. हालांकि की रेलवे के सभी जोन में यह अभी लागू नहीं हुआ है. लेकिन सफाई और चोरी के लिहाज से इसे ज्यादा कारगर माना जा रहा है.

कांट्रैक्टर से होती है वसूली

रेलवे इस सामान का वितरण कांट्रैक्टर के माध्यम से पैसेंजर्स को कराता है. ऐसे में सामान की चोरी होने पर रेलवे अब ठेकेदार से ही चोरी गए सामान की वसूली करता है. रिपोर्ट के अनुसार फाइनेंसियल ईयर 2017-18 में रेल यात्रा के दौरान 14 करोड़ रुपये की चादर, तकिया, कंबल, तौलिया और तकिया कवर चोरी हुआ था.

फिलहाल 10 मिनट पहले कोच अटेंडेंट पैसेंजर को सामान देने के लिए अलर्ट कर देता है. यात्री के उतरने के कुछ मिनट पहले कर्मचारी दिया गया सामान वापस ले लेता है. अब नया आदेश आने के बाद बदलाव होगा.

दीपक कुमार, सीपीआरओ

नार्दन रेलवे