क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ :रांची में प्राइवेट घरों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग लगाना आसान होगा. इसके लिए अब प्राइवेट एजेंसी हायर की जा रही है. नगर निगम ने एजेंसी को इम्पैनलमेंट करने का निर्देश जारी कर दिया है. एजेंसी नियुक्त होने के बाद जो भी लोग अपने घर में रेन वाटर हार्वेस्टिंग कराना चाहते हैं वो एजेंसी से करा सकेंगे. इसके लिए कैटेगरी वायज रेट भी तय कर लिया गया है. बता दें कि नगर निगम के निर्देश के बावजूद शहर में सिर्फ 40 हजार घरों में ही यह सिस्टम इजाद कराया गया है. अन्य के इंट्रेस्ट नहीं लेने से सिटी में वाटर का लेवल कम होता जा रहा है.

हार्वेस्टिंग लगाना था अनिवार्य

बारिश के पानी को सहेजने के लिए नगर निगम क्षेत्र के सभी घरों को रेन वाटर हॉर्वेस्टिंग लगाने का निर्देश निगम ने दिया था. इस निर्देश के बावजूद शहर में रेन वाटर हॉर्वेस्टिंग लगवाने को लेकर तेजी नहीं आई. दरअसल होल्डिंग टैक्स का भुगतान करने के साथ संबंधित घरों में रेन वाटर हॉर्वेस्टिंग सिस्टम का होना अनिवार्य किया गया था, लेकिन शहर में वर्तमान में 1.80 लाख मकानों में से केवल 40 हजार मकान ही ऐसे हैं, जहां रेन वाटर हार्वेस्टिंग का निर्माण हुआ है. करीब 1.40 लाख ऐसे मकान हैं, जिनमें रेन वाटर हार्वेस्टिंग की सुविधा नहीं है. इतने अधिक घरों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग नहीं होने से शहर के भूगर्भ जल का स्तर धीरे-धीरे कम होता जा रहा है.

लिया गया डेढ़ गुना टैक्स

यही नहीं बारिश का पानी बचाने के लिए निगम ने घरों, बहुमंजिली इमारतों सहित सभी सरकारी भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने के लिए सख्त नियम बनाया था. इसके लिये नयी होल्डिंग टैक्स नियमावली को राजधानी में लागू किया था, नियमावली में प्रावधान था कि जिन घरों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं होगा, उन घरों से डेढ़ गुना होल्डिंग टैक्स वसूला जायेगा. इस वित्तीय वर्ष 2018-19 में शहरवासियों ने बढ़-चढ़ कर होल्डिंग टैक्स का भुगतान भी किया, जिसमें निगम को करीब 48 करोड़ रुपये टैक्स के रूप में मिले. इसके बावजूद शहर में केवल 40 हजार घरों में ही रेन वाटर हॉर्वेस्टिंग लगाने का काम पूरा हो पाया है.