साढ़े तीन मिनट का प्रोग्राम

राजा को वजीर बनाने के लिए राजभवन में शुक्रवार को सुबह सवा दस बजे का टाइम निर्धारित किया गया था. राजा भैया के अलावा सीएम अखिलेश यादव, एसपी सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव, नगर विकास मंत्री आजम खां, अहमद हसन, शिवपाल समेत कई मिनिस्टर हल्की बारिश के बीच 10 बजे ही राजभवन पहुंच गये थे. लेकिन, ओथ सेरेमनी शुरू होने और खत्म होने में सिर्फ साढ़े तीन मिनट लगे. 10 बजकर 16 मिनट पर राष्ट्रगान शुरू हुआ, चीफ सेक्रेट्री ने गवर्नर से इजाजत लेकर प्रोग्राम शुरू किया और बताया कि गवर्नर ने सीएम से बात करके राजा भैया को मंत्री बनाने का डिसीजन लिया है. राजा भइया पहुंचे उन्हें मंत्री पद की शपथ दिलायी गयी और चीफ सेक्रेट्री ने प्रोग्राम खत्म करने की घोषणा की.

पॉलीटिक्स में पॉलीटिक्स

राजा भैया को दोबारा मंत्री बनाये जाने के पीछे भी पालीटिक्स रही. राजभवन में मौजूद मेहमानों में यह चर्चा रही कि एसपी सुप्रीमो ने राजा भैया को दोबारा मिनिस्टर बनवाकर ठाकुर बिरादरी को खुश करने की कोशिश मानी जा रही है. साथ ही उस अटकल बाजी पर भी ब्रेक लग गया जिसमें राजा को बीजेपी में शामिल होने की बात कही जा रही थी.

मेरा कोई कुसूर नहीं था-राजा

मंत्री पद की शपथ लेने के बाद राजा भैया ने कहा कि मुझे देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी ने क्लीन चिट दी. मेरे ऊपर जो आरोप लगे वह साजिश थी. साजिश कौन कर रहा था, उसका नाम गोपनीय रहने दीजिए. राजा भैया ने कहा कि मेरे ऊपर जितने भी आरोप लगे थे, वे बसपा सरकार का प्रसाद थे.

देना पड़ा था इस्तीफा

कुंडा के एक गांव में बवाल के बाद सीओ जियाउल हक का मर्डर हो गया था. मर्डर के बाद सीओ की वाइफ परवीन आजाद ने राजा भैया पर आरोप लगाते हुए सीबीआई जांच की मांग की थी. जिसके बाद राजा भैया को इस्तीफा देना पड़ गया था. सीबीआई ने अपनी जांच में राजा भैया को क्लीन चिट दे दी थी. जिसके बाद से राजा भैया को दोबारा मंत्री बनाये जाने की चर्चा शुरू हो गयी थी.