नई दिल्ली (पीटीआई)। राज्यसभा में एसपीजी (संशोधन) बिल 2019 को ध्वनिमत से पास कर दिया गया है। इसके पारित होने के बाद कांग्रेस सांसद सदन से बाहर चले गए। इस बिल को लेकर राज्यसभा में खूब बहस हुई। राज्यसभा में गृहमंत्री अमित शाह ने इस बिल पर सांसदों को जवाब देते हुए कहा कि सुरक्षा स्टेटस सिंबल नहीं हो सकता है, एसपीजी के लिए इतना हंगामा क्यों? उन्होंने कहा, 'सिर्फ गांधी परिवार की सुरक्षा की बात क्यों? गांधी परिवार सहित 130 करोड़ भारतीयों की सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी है।' शाह ने कहा, 'धमकी और सुरक्षा कवर को अलग अलग रखना चाहिए, एसपीजी कवर केवल राष्ट्र के प्रमुख के लिए होना चाहिए।'

कांग्रेस ने वापस मांगी गांधी परिवार के लिए एसपीजी सुरक्षा

राजनीतिक प्रतिशोध के लिए नहीं किया गया इस कानून में संसोधन

गृह मंत्री ने राज्यसभा में कहा, 'यह भी सच नहीं है कि गांधी परिवार को ध्यान में रखकर एसपीजी कानून में संशोधन नहीं किया जा रहा है। गांधी परिवार के तीन सदस्यों को उन सुरक्षकर्मियों की सुरक्षा में रखा गया है, जो पहले एसपीजी का हिस्सा थे।' इसके अलावा अमित शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए यह भी कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और अन्य गैर-गांधी परिवारों के एसपीजी सुरक्षा कवर को वापस लिया गया, तब इसपर कोई भी चर्चा नहीं हुई। वहीं, प्रियंका गांधी के घर में घुसे संदिग्ध वाहन पर जवाब देते हुए शाह ने कहा कि सुरक्षा में हुई चूक को लेकर उच्च स्तरीय जांच का आदेश दिया गया है, इस मामले में 3 अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। अमित शाह ने राज्यसभा को बताया कि एसपीजी (संशोधन) विधेयक लाने के पीछे कोई राजनीतिक प्रतिशोध नहीं है।

Posted By: Mukul Kumar

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