क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ: रांची नगर निगम की पार्किंग में ठेकेदार की मनमानी चल रही है. जी हां, नगर निगम ने जहां वाहनों की 10 मिनट पार्किंग फ्री कर रखी है, वहीं पार्किंग का ठेकेदार 10 मिनट तो दूर एक-दो मिनट तक की पार्किंग का भी चार्ज वसूल रहा है. ऐसे में पार्किग को लेकर स्टाफ और गाड़ी ओनर के बीच आए दिन झंझट भी हो रहा है. वहीं, कुछ लोग झंझट से बचने के लिए पैसे देना ही बेहतर समझ रहे हैं. लेकिन, आम लोगों की इस परेशानी को लेकर रांची नगर निगम के अधिकारियों को कोई लेना-देना नहीं है. ठेकेदार की मनमानी पर लगाम कसने को अधिकारी गंभीर नहीं हैं.

बोर्ड पर फ्री पार्किग का जिक्र नहीं

शहर में नगर निगम ने गाडि़यों की पार्किग के लिए कुछ नियम बनाए हैं. साथ ही इसके लिए अलग-अलग रेट भी तय हैं. इसका जिक्र पार्किग में लगाए गए बोर्ड और रसीद में करना था. ताकि सिटी के लोगों को पता चल सके कि दस मिनट पार्किग फ्री है. इसके बाद लोगों को तय रेट के हिसाब से चार्ज देना होगा. लेकिन ठेकेदार ने अपना अलग ही कानून लागू कर रखा है. उनकी मनमानी के चलते लोगों को एक-दो मिनट तक गाड़ी पार्क करने पर भी चार्ज देना पड़ रहा है.

रसीद में भी हेराफेरी

पार्किग में ड्यूटी करने वाले स्टाफ रसीद पर भी गाड़ी जमा करने का टाइम भी नहीं लिख रहे हैं. दस मिनट पूरे होने के बाद ही पार्किग का चार्ज लेने के नियम को सरासर नजरअंदाज कर रहे हैं. इससे ठेकेदारों की मनमानी का अंदाजा लगाया जा सकता है कि कैसे वे गाड़ी पार्क करने आ रहे लोगों को लूटने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं.

ई-रसीद न मिलने से परेशानी

नगर निगम ने मेन रोड से लेकर सिटी के कई इलाकों में रोड किनारे पार्किग का टेंडर कर दिया है. इसके संचालन का जिम्मा ठेकेदारों को दिया गया है. इसमें मेन रोड, सरकुलर रोड, पुरुलिया रोड, कांके रोड शामिल हैं. लेकिन कहीं भी ई-रसीद देने की व्यवस्था नहीं की है. जबकि इससे पहले पार्किग का टेंडर लेने वाली एजेंसी ओनर्स की ओर से ई-रसीद दी दिया जाता था. लेकिन अब मैनुअल रसीद दिया जा रहा है. यह वजह है कि गाड़ी पार्क करने आ रहे लोगों को इनकी मनमानी का सामना करना पड़ रहा है.

वर्जन

सिटी में पार्किग दस मिनट तक फ्री है. रसीद में इसे प्रिंट कराने को कहा गया है. अगर कहीं परेशानी है तो तत्काल इसे लागू कराया जाएगा ताकि दस मिनट पार्किग का लाभ पब्लिक को मिल सके.

सौरव वर्मा, प्रभारी, ट्रांसपोर्ट सेल