क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ : रांची नगर निगम ने देवकमल हॉस्पिटल का संचालन फिर से खुद करने का फैसला किया है. अगले दो माह के अंदर इस हॉस्पिटल को हैंडओवर में लेने की तैयारी निगम ने शुरू कर दी है. गौरतलब है कि रातू रोड चौराहे के पास स्थित नगर निगम के इस हॉस्पिटल को पीपीपी मोड पर चलाने के लिए देवकमल हॉस्पिटल को दिया गया था. लेकिन, यहां निगम के कर्मियों समेत मरीजों को सुविधाएं एवं सहूलियत नहीं दिए जाने की वजह से नगर निगम देवकमल हॉस्पिटल से इसे अपने हाथों में ले रही है.

न मिला टैक्स और न सुविधाएं

नगर निगम ने हॉस्पिटल संचालन के लिए पीपीपी मोड पर देवकमल हॉस्पिटल को दे दिया था. साथ ही नगर निगम के अधिकारियों और स्टाफ को भी इलाज में रियायत देने की बात कहीं गए थी. लेकिन, आज तक न तो नगर निगम को उस हॉस्पिटल से एक रुपए का भी राजस्व मिला और ना ही नगर निगम के अधिकारियों व स्टाफ को वहां पर इलाज की सुविधा मिली. इतना ही नहीं मरीजों को प्राइवेट हॉस्पिटलों की तरह की कंसल्टेंसी फीस भी चुकानी पड़ी. इस वजह से इलाज के लिए लोगों ने वहां जाना ही छोड़ दिया है.

प्राइवेट हॉस्पिटलों की तरह ली जा रही फीस

नगर निगम ने जब हॉस्पिटल की शुरुआत की थी तो मरीजों से रजिस्ट्रेशन के लिए 5 रुपए लिए जाते थे. वहीं, दवाएं भी उन्हें मुफ्त में उपलब्ध कराई जाती थी. लेकिन प्राइवेट हाथों में सौंपने के बाद मरीजों को डॉक्टर से दिखाने के लिए दो से ढाई सौ रुपए तक फीस कर दी गई. दवा के लिए भी उन्हें काफी पैसे खर्च करने पड़े. ऐसे में लोगों ने वहां के डॉक्टरों से दिखाने से अच्छा किसी और हॉस्पिटल में दिखाना बेहतर समझा.

सस्ती दर पर दवा, होंगे स्पेशलिस्ट डॉक्टर

रांची नगर निगम का कहना है कि अपने हाथों में हॉस्पिटल को लेने के बाद इसे अपग्रेड करने के लिए तमाम जरूरी कदम उठाए जाएंगे. यहां किफायती दर पर मरीजों को इलाज किया जाएगा. बेहतर ट्रीटमेंट को लेकर स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स मौजूद रहेंगे और जरूरी दवाएं सस्ती दर पर मरीजों को उपलब्ध कराई जाएगी.