क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ: लोगों की सेहत सुधारने, पर्यावरण बेहतर बनाने व सिटी को जाम फ्री करने के लिए शुरू किए गए पब्लिक साइकिल शेयरिंग प्रोजेक्ट के बाद से लोगों में साइकिल के प्रति गजब का इंटरेस्ट बढ़ा है. साइकिल की दीवानी पूरी सिटी होती जा रही है. जी हां, रांची में पब्लिक साइकिल शेयरिंग प्रोजेक्ट के डाटा पर गौर करें तो पिछले आठ महीने में रांची के लोगों ने 9 लाख 24 हजार किमी यात्रा साइकिल से की है. सिटी के 2 लाख 43 हजार 586 लोगों ने साइकिल की सवारी की है. यह आंकड़ा साइकिल के प्रति लोगों के इंट्रेस्ट को ही बताता है.

मार्च में जमकर साइकिल की सवारी

सबसे अधिक साइकिल की सवारी लोगों ने मार्च में की है. रांची के लोगों ने पब्लिक साइकिल शेयरिंग प्रोजेक्ट के तहत सबसे अधिक मार्च में साइकिल की सवारी की है. मार्च फ‌र्स्ट वीक में जब प्रोजेक्ट की शुरुआत हुई थी उस समय 10 दिन तक लोगों को फ्री में साइकिल की सवारी करवाई गई. उस दौरान मार्च महीने में 2 लाख21 हजार 482 किलोमीटर लोगों ने साइकिल चलाई. शुरूआत के पहले महीने मार्च में करीब 49 हजार 855 लोगों साइकिल की सवारी की थी.

अब तक 2.43 लाख लोगों ने चलाई साइकिल

चार्टर्ड बाइक के डाटा के अनुसार, मार्च महीने से लेकर अक्टूबर महीने तक 2 लाख 43 हजार 586 लोगों ने साइकिल चलाई है. इसमें सबसे अधिक मार्च महीने में 49 हजार 855 लोगों ने साइकिल चलाई है. सितंबर महीने में जब ट्रैफि क जांच तेज थी, उस दौरान करीब 28 हजार 538 लोगों ने साइकिल की सवारी की है.

एवरेज 22 मिनट चलाई साइकिल

जिसने भी साइकिल की सवारी की है, उन्होंने एवरेज 22 मिनट तक साइकिल चलाई है. एक व्यक्ति ने कम से कम 14 किलोमीटर हर दिन साइकिल चलाई है. इसके अलावा एक व्यक्ति एक बार में करीब 3.8 किलोमीटर की राइड पूरी कर चुका है.

सेकेंड फेज भी जल्द होगा शुरू

रांची में साइकिल शेयरिंग प्रोजेक्ट का दूसरा फेज जल्द शुरू होने वाला है. इसके तहत 600 नई साइकिलें लाई जाएंगी. फि लहाल, शहर में 600 साइकिलें सफ लता पूर्वक चल रही हैं. वहीं, 60 नए साइकिल स्टैंड भी बनाए गए हैं. साइकिल शेयरिंग सिस्टम का संचालन करने वाली कंपनी चार्टर्ड स्पीड लिमिटेड ही दूसरे चरण के लिए काम करेगी. नए साइकिल स्टैंड बनाये जाने के लिए सड़कों का सर्किल बनाया गया है. मेन रोड बिग बाजार से बिरसा चौक, प्रोजेक्ट भवन, हटिया से बिरसा चौक. कडरू बाइपास से हरमू रोड होते हुए रातू रोड तक और करमटोली चौक से बूटी मोड़, हजारीबाग रोड होते हुए कोकर तक.

ज्यादातर मंथली पैक पर कर रहे सवारी

साइकिल चलानेवाले ज्यादातर लोगों ने एक महीने की सदस्यता ले रखी है. कइयों ने वार्षिक सदस्यता ली है. कई लोग ऐसे भी हैं, जो प्रतिदिन शुल्क चुकाकर साइकिल चला रहे हैं. सदस्यता लेने के बाद आधे घंटे तक मुफ्त साइक्लिंग करने वाले लोगों की संख्या अधिक है. साइकिलों को नुकसान पहुंचाना लगभग बंद हो गया है. शुरुआती दिनों के उलट डैमेज होकर वर्कशॉप पहुंचने वाली साइकिलों की संख्या में काफ कमी आ गयी है. अब रोज दो-चार साइकिलें ही वर्कशॉप पहुंच रही हैं. बाकी साइकिलों को चला कर उनको सही सलामत स्टैंड पर खड़ा किया जा रहा है.

वर्जन

रांची में साइकिल चलाने को लेकर लोगों में इंटरेस्ट हर दिन बढ़ रहा है. मार्च महीने में जब यह शुरू हुआ था, उसके बाद से लोगों का इंटरेस्ट बढ़ने लगा है. सेकेंड फेज का काम भी तेजी से चल रहा है, जिसे पूरा कर लिया जाएगा. साइकिल शेयरिंग प्रोजेक्ट शुरू होने से लोगों की हेल्थ भी ठीक रहती है और जाम की समस्या भी कम होगी.

अमित कुमार, सीईओ, रांची स्मार्ट सिटी