क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ : सूरज अपने रंग में है. आसमान से आग बरस रही है. इसके बावजूद रांची रेलवे स्टेशन पर पैसेंजर्स को हवा नसीब नहीं हो रही है. चूंकि प्लेटफॉर्म पर लगे पंखों को चलाया ही नहीं जा रहा है. वहीं कई पंखे खराब हो चुके हैं. ऐसे में स्टेशन पर झुलसाने वाली गर्मी के बीच पैसेंजर्स को ट्रेन का इंतजार करना पड़ रहा है. इसे लेकर कई बार कंप्लेन भी की गई. लेकिन प्रबंधन को पैसेंजर्स की परेशानी से कोई लेना-देना ही नहीं है. 5 प्लेटफॉ‌र्म्स पर कष्ट ही कष्ट

स्टेशन पर सभी प्लेटफॉर्म पर टोटल पांच दर्जन पंखे लगे हैं. लेकिन प्लेटफॉर्म नंबर एक के कुछ पंखे को छोड़ दिया जाए तो अन्य किसी भी प्लेटफार्म पर पंखा नहीं चल रहा है. वहीं कुछ पंखे के ब्लेड भी क्षतिग्रस्त हो चुके हैं. लेकिन इसे बदला ही नहीं जा रहा है.

बेसिक फैसिलिटी भी मुहैया नहीं

रेलवे ने रांची स्टेशन को मॉडल स्टेशन के रूप में डेवलप करने का प्लान बनाया है. जहां फ‌र्स्ट फेज में स्टेशन के बाहर की सूरत भी बदली जा चुकी है. वहीं सेकेंड फेज का काम भी शुरू होना है. लेकिन यहां आने वाले पैसेंजर्स को बेसिक सुविधाएं तक मुहैया नहीं कराई जा रही हैं. एक ओर पंखे खराब हैं तो दूसरी ओर कुछ नलों में पानी ही नहीं आ रहा है. वहीं दो, तीन, चार और पांच प्लेटफॉर्म पर टॉयलेट की भी सुविधा नहीं है.