- ओवरलोड ट्रकों से हर महीने 1.20 करोड़ की कमाई कर रहा आरटीओ

- शहर में हर महीने ट्रक मालिकों से जमा कराई जाती टोकन मनी

- पैसे नहीं दिए जाने पर किया जाता है परेशान, हर महीने एक ट्रक से हो रही चार हजार की वसूली

GORAKHPUR: शासन-प्रशासन की लाख सख्ती के बाद भी भ्रष्टाचार तो नहीं रुका, ये जरूर कहा जा सकता है कि नियमों को तोड़ने का चार्ज कई गुना बढ़ गया. सरकारी विभागों में बैठे जिम्मेदार किसी भी गलत काम में हामी नहीं भरते हैं लेकिन काम का रेट बढ़ते ही उसे आसान भी कर देते हैं. यही हाल इस समय आरटीओ विभाग का है. शहर में आरटीओ की पनाह में इस समय सैकड़ों ओवरलोड ट्रक करोड़ों की सड़कों को रौंदते हुए फर्राटा भर रहे हैं. इसकी शिकायत बकायदा सीएम, डीएम, खनन विभाग और कमिश्नर तक पहुंच चुकी है लेकिन शिकायत की जांच बार-बार आरटीओ के उन अधिकारियों का पास जाती है जिनपर ओवरलोडिंग को शह देने का आरोप है. इस कारण जांच का असर भी इन पर जरा भी नहीं पड़ता. गोरखपुर ट्रांसपोर्ट यूनियन के विजय मिश्रा की मानें तो हर महीने ओवरलोड ट्रकों से लगभग एक करोड़ 20 लाख रुपए का गोरखपुर आरटीओ को फायदा हो रहा है. इसके लिए बकायदा ट्रकों की लिस्ट तैयार कर प्रति ट्रक 4-4 हजार रुपए टोकन मनी जमा कराई जाती है.

हमने भी की पड़ताल

दैनिक जागरण आई नेक्स्ट टीम ओवरलोडिंग की शिकायत की पड़ताल करने देर रात सड़कों पर निकली. सड़क पर जो दिखा वो चौंकाने वाला था. ट्रांसपोर्ट नगर, रुस्तमपुर, गोलघर, ट्रैफिक कार्यालय, गोरखनाथ, धर्मशाला, बाघागाढ़ा, नौसड़ चौराहे पर बेरोकटोक ओवरलोड ट्रक फर्राटा भर रहे थे. रास्ते में कहीं भी इन्हें चेक तक नहीं किया जा रहा था. न तो चौकी पर पुलिस का पता था न ही आरटीओ टीम भी कहीं दिखी.

कमिश्नर ने चेक कर मांगी थी रिपोर्ट

गोरखपुर ट्रांसपोर्ट यूनियन के विजय मिश्रा ने सिटी में चल रहे ओवरलोड ट्रकों की शिकायत कमिश्नर से की थी. जिसके बाद मामले को संज्ञान में लेते हुए 16 फरवरी को कमिश्नर ने खनन अधिकारी और आरटीओ को इसे रोकने के लिए उचित कदम उठाने के निर्देश दिए थे. साथ ही गाडि़यों की जांच कर आख्या रिपोर्ट भी मांगी थी जो अब ठंडे बस्ते में चली गई है.

ट्रांसपोर्ट यूनियन के आरोप

गोरखपुर ट्रांसपोर्ट यूनियन के विजय मिश्रा का आरोप है कि ओवरलोड ट्रकों से आरटीओ को मोटी कमाई होती है. इसके लिए ट्रक की एक लिस्ट बनाई जाती है. इस लिस्ट में वो ट्रक शामिल होते हैं जो चार हजार रुपए जमा करते हैं. इसके बाद वे पूरे महीने बेरोकटोक ओवरलोड गाड़ी लेकर फर्राटा भरते हैं.

खजांची चौराहे पर लगता जमावड़ा

शिकायतकर्ता का आरोप है कि खजांची चौराहे पर रोज सैकड़ों बालू और गिट्टी लदे ट्रक खड़े रहते हैं. अवैध खनन पर रोक है इसके बावजूद ट्रकों में मानक से तिगुना बालू और मोरंग लदा रहता है. जो हर रोज खजांची और तारामंडल में खड़े होते हैं. लेकिन सब कुछ जानकर भी अधिकारी इन पर कार्रवाई नहीं करते.

बॉक्स

आईजीआरएस पर अन्विशा ने की शिकायत

गोरखपुर की अन्विशा सिंह ने भी सीएम, डीएम सहित कई अधिकारियों से ओवरलोडिंग की शिकायत की है. अन्विशा ने आरोप लगाया है कि आरटीओ की मिलीभगत से इस समय सैकड़ों ओवरलोड वाहनों का संचालन गोरखपुर के रास्ते हो रहा है. इनकी लिस्ट में जो ट्रक नहीं शामिल रहते उन्हें बार-बार परेशान किया जाता है. अन्विशा सिंह की शिकायत के बाद डीएम ने आरटीओ को जांच करने को कहा था. लेकिन जिसके ऊपर आरोप लगा था उसी से जांच कराने के कारण कोई कार्रवाई नहीं हुई.

ढाबे से हो रही सेटिंग

सूत्रों की मानें तो बाघागाढ़ा स्थित एक ढाबे से ट्रकों की सेटिंग की जाती है. ढाबे पर सेटिंग के बाद ट्रक मालिकों को एक व्यक्ति से मिलवाया जाता है. जो सारी गाडि़यों का पैसा लेकर इंट्री करता है.

ये है मानक

वाहन कर सकते लोड

10 चक्का ट्रक 28 टन

12 चक्का ट्रक 35 टन

14 चक्का ट्रक 42 टन

18 चक्का ट्रक 45.5 टन

22 चक्का ट्रक 55 टन

दिसंबर 2018 के आंकड़े

ओवरलोड वाहनों का चालान - 61

दुर्घटना में मौत - 40

ड्रिंक एंड ड्राइव - 00

रेड लाइट जंप - 00

मोबाइल फोन यूज करते - 00

ओवर स्पीड - 00

कोट्स

धड़ल्ले से ओवर लोड ट्रकों का संचालन हो रहा है. अधिकारियों से शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं हो रही है.

- विजय मिश्रा

इंट्री कराकर ओवरलोड ट्रकों को चलाया जा रहा है. इसकी हमलोग लगातार शिकायत कर रहे हैं.

- अंशू त्रिपाठी

वर्जन

टीम अभी पीएम के प्रोग्राम में व्यस्त है. ओवरलोड पर रिपोर्ट मांगी गई है. जल्द ही कार्रवाई करके रिपोर्ट दे दी जाएगी.

- डीडी मिश्रा, आरटीओ प्रवर्तन