- गोरखपुर के रेंज के सभी थानों से जुटाएंगे रिकॉर्ड, होगी कार्रवाई

- सरकारी कर्मचारियों पर एफआईआर अक्सर भूल जाती पुलिस

GORAKHPUR: सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ दर्ज मुकदमों को पुलिस भूल नहीं पाएगी. मुकदमों की प्रोग्रेस रिपोर्ट हर माह तलब की जाएगी. विवेचना की स्थिति से सीनियर ऑफिसर्स को अवगत कराने की जिम्मेदारी विवेचक की होगी. हाल के दिनों में दर्ज हुए मामलों की छानबीन के लिए आईजी ने निर्देश जारी किया है. आईजी ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों खासकर गबन और भ्रष्टाचार के मामलों की फाइलों को खंगाला जाएगा. कई बार पुलिस की लापरवाही से आरोपित बच निकलते हैं.

गबन के मामलों में गड़बड़झाला करने की शिकायत

सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार, गबन सहित अन्य मामलों की शिकायतें मिलने पर पुलिस कार्रवाई करती है. विभागीय शिकायतों को आधार बनाकर मुकदमा तो दर्ज कर लिया जाता है. लेकिन अभियुक्तों की गिरफ्तारी और आगे की कार्रवाई में भारी लापरवाही सामने आती है. इस वजह से आरोपित आराम से घूमते-टहलते रहते हैं. उनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई नहीं करती. जालसाजी करके रुपए हड़पने वाले आरोपित फंसने पर रकम खर्च करके जांच अधिकारियों को अपने प्रभाव में ले लेते हैं. इससे न तो जांच पूरी हो पाती, न ही मामलों का निस्तारण समय से हो पाता है. इसको देखते हुए आईजी ने सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों के खिलाफ दर्ज मुकदमों की फाइल खंगालने का निर्देश जारी किया. हाल के दिनों में गोरखपुर में सर्वाधिक मामले एजुकेशन डिपार्टमेंट में दर्ज हुए हैं. एसटीएफ की कार्रवाई में कई कर्मचारी फर्जी तरीके से नौकरी करते हुए पकड़े गए थे. माना जा रहा है कि सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई में लापरवाही सामने आने पर संबंधित विवेचक सहित अन्य जिम्मेदारों से सवाल जवाब-तलब हो सकता है.

इन बिंदुओं पर तलब होगी रिपोर्ट

- सरकारी कर्मचारियों, अधिकारियों के खिलाफ कितने, किस तरह के मुकदमे दर्ज हैं.

- मुकदमों में नामजद अभियुक्त का विभाग में क्या पद है. उस पर एफआईआर में क्या आरोप लगे हैं.

- सरकारी अधिकारी, कर्मचारी पर आरोप क्या लगा है. विवेचना के दौरान आगे की क्या कार्रवाई की गई.

- गबन के आरोप में कितनी जांच पूरी हुई. आरोपित को सजा दिलाने के लिए किस तरह के साक्ष्य जुटाए गए.

- मुकदमा दर्ज होने के कितने दिनों के बाद जांच पूरी हुई. यदि जांच की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई तो किन वजहों से पेंडिंग रही.

- अन्य आपराधिक मामलों की अपेक्षा गबन, भ्रष्टाचार सहित अन्य मुकदमों में कार्रवाई की क्या प्रगति रही है.

वर्जन

सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ दर्ज मुकदमों में प्रगति आख्या तलब की जाएगी. सभी की समीक्षा करके आवश्यक निर्देश जारी किए जाएंगे. गबन के मामलों का भी रिव्यू किया जाएगा.

- जेएन सिंह, आईजी, गोरखपुर