-हेल्थ मिनिस्ट्री की पहल पर जालमा इंस्टीटयूट एनआईवी पुणे के साथ मिल कर करेगा स्टडी, यूपी में कानपुर मंडल से शुरुआत

-लोगों में कोरोना के प्रति एंटीबॉडी के डेवपलमेंट की होगी जांच, गांवों में क्लस्टर बना कर इकट्ठा किया जाएगा सीरम

>KANPUR: देश में कोरोना वायरस के प्रकोप को कम करने के लिए कई तरह की स्टडीज की जा रही है। इंसानी शरीर इस वायरस से कैसे लड़ रहा है इस पर भी स्टडी चल रही हैं। इसी क्रम में बीते चार महीनों में भारतीयों में वायरस के प्रति एंटीबॉडी डेवलप हुई या नहीं ? अब हेल्थ मिनिस्ट्री की पहल के बाद इसका पता लगाया जाएगा। यूपी में इस स्टडी की शुरुआत कानपुर मंडल से होगी। मंडल के जिलों में जालमा इंस्टीट्यूट और नेशनल इंस्टीट्यूट आफ वायरोलॉजी मिल कर काम करेंगे। जिसमें देखा जाएगा कि इम्यूनिटी सिस्टम वायरस को कैसे हरा रहा है और क्या इस वायरस के प्रति एंटीबॉडी का निर्माण हुआ है या नहीं।

ब्लड सीरम की ट्रेसिंग

कानपुर मंडल के एडिश्नल डायरेक्टर हेल्थ डॉ.आरपी यादव ने बताया कि भारत सरकार इस स्टडी को करा रही है। कानपुर मंडल में औरेया से इसकी शुरुआत होगी। इसके बाद यह स्टडी दूसरे जिलों में भी की जाएगी। इस स्टडी में 10-10 गांवों के कलस्टर बना कर वहां पर लोगों से ब्लड सीरम कलेक्ट किया जाएगा। इस ब्लड सीरम का एनआईवी पुणे भेजा जाएगा। जो ब्लड सीरम की जांच कर एंटीबॉडीज को ट्रेस करेगा। कोरोनावायरस का इस क्षेत्र में कौन सा स्टेन है। उसके खिलाफ बॉडी में इम्यूनिटी डेवपल हुई या नहीं और बॉडी वायरस से लड़ने में किस तरह से रिएक्ट कर रही है। इन सभी चीजों को ब्लड सीरम की ट्रेसिंग में देखा जाएगा।

साधारण दवाओं के इस्तेमाल से ही

डॉ.आरपी यादव बताते हैं कि यूपी में कोरोना वायरस का असर अभी उतना नहीं है। जो पेशेंट्स संक्रमित भी हो रहे हैं तो उनके सही होने की दर भी काफी अच्छी है। काफी पेशेंट्स तो साधारण दवाओं के इस्तेमाल से ही सही हो रहे हैं। इसके अलावा बॉडी में वायरस का लोड भी बेहद कम वक्त में खत्म हो रहा है। इसकी वजहों की पड़ताल करना जरूरी है। जिससे पता लगाया जा सके कि क्या इस क्षेत्र में लोगों में वायरस से लड़ने में इम्यूनिटी सिस्टम किस तरह से काम कर रहा है।

'' भारत सरकार की ओर से मंडल में स्टडी शुरू की जा रही है। जालमा इंस्टीटयूट कलस्टर के हिसाब से गांवों में ब्लड सीरम इकट्ठा करेगा। इसके बाद उसे एनआईवी पुणे जांच के लिए भेजा जाएगा। इसका मूल उद्देश्य यह पता लगाना है कि कोरोना वायरस से बॉडी का इम्यून सिस्टम कैसे लड़ रहा है। एंटीबॉडी बनने में कितना वक्त लग रहा है.''

डॉ.रामायण प्रसाद यादव, एडी हेल्थ

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जेआर और वार्डब्यॉय देंगे प्लाज्मा

कानपुर। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में कोरोना वायरस से संक्रमित होकर ठीक होने वाले एक नान पीजी जेआर और वार्ड ब्वॉय कोरोना वायरस के इलाज में प्लाज्मा थेरेपी के यूज को लेकर चल रहे रिसर्च प्रोजेक्ट के तहत अपना प्लाजमा डोनेट करेंगे। एसजीपीजीआई में प्लाज्मा थेरेपी पर रिसर्च के लिए दोनों ने वॉलट्री प्लाज्मा डोनेशन के लिए हामी भरी है। दोनों को आइसोलेशन वार्ड से रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया है। अभी वह क्वारंटीन पर हैं। क्वारंटीन पीरियड पूरा होने पर दोनों एसजीपीजीआई प्लाज्मा डोनेट करने जाएंगे। मेडिसिन डिपार्टमेंट के प्रो.प्रेम सिंह ने बताया कि एसजीपीजीआई से इस संबद्घ में संपर्क किया गया था। नान पीजी जेआर और वार्डब्वॉय दोनों ही स्वैच्छिक प्लाज्मा डोनेशन के लिए तैयार हो गए हैं। इनके प्लाज्मा से कोरोना पेशेंट्स के ट्रीटमेंट में मदद मिलेगी।

Posted By: Inextlive

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