लखनऊ (ब्यूरो)। घटना के 96 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ हत्यारे तो दूर उनका सटीक सुराग तक नहीं मिल सका। वहीं गुजरात से ट्रांजिट रिमांड पर आए गए तीनों साजिशकर्ता से पुलिस और अन्य एजेंसियों ने सोमवार को एक गोपनीय स्थान पर कई घंटे तक पूछताछ की। उनसे पूछताछ के बाद कई अहम व चौंकाने वाली जानकारी भी सामने आई है।

एसी में था रिजर्वेशन, छोड़ने आए थे सभी

हत्या की साजिश में सूरत में गिरफ्तार तीनों आरोपियों मौलाना मोहसिन शेख, फैजान और रशीद अहमद पठान उर्फ राशिद की तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड पर पुलिस लखनऊ ले आई है। सोमवार को पुलिस व एजेंसियों की कई टीम ने एक गोपनीय स्थान पर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि अशफाक और मोईनउद्दीन गुजरात से कानपुर ट्रेन से रवाना हुए थे। दोनों का रिजर्वेशन एसी कोच में कराया गया था। उन्हें रवाना करने के लिए तीनों साजिशकर्ता भी रेलवे स्टेशन आए थे।

सगे भाई हैं रशीद और मोईनउद्दीन

कमलेश की हत्या करने वालों में शामिल मोईनउद्दीन साजिशकर्ता रशीद अहमद पठान उर्फ राशिद का सगा भाई है। राशीद, मौलाना मोहसिन शेख, और फैजान चार साल से कमलेश की हत्या की प्लानिंग कर रहे थे। हालांकि वारदात को अंजाम देने वाला शख्स उनके पास नहीं था। एक साल पहले अशफाक आगे आया और उसने वारदात को अंजाम देने का बीड़ा उठाया। जिसके बाद एक साल से साजिश की ब्लू प्रिंट तैयार होना शुरू हो गया था।

भागकर जाना था कर्नाटक

वारदात को अंजाम देने के बाद अशफाक और मोईनउद्दीन को कर्नाटक जाना था। उसके भागने की प्लानिंग पहले से तैयार की गई थी। बरेली और पलिया में उनके मददगारों की सूची भी उन्हें दी गई थी। यहीं नागपुर से पकड़ा गया सैय्यद भी उनका मददगार था। इस घटना को अंजाम देने के लिए उन्हें कोई फंडिंग नहीं की गई थी। हत्यारे और साजिकर्ताओं ने इस पूरे खर्च को खुद उठाया था।

और हाथ से निकले हत्यारे

हत्यारे अशफाक और मोईनउद्दीन के बरेली की लोकेशन पुलिस को 18 अक्टूबर को मिल गई थी। पुलिस की टीम देर शाम बरेली रवाना हो गई थी। हालांकि जिस जगह दोनों छिपे थे वहां पहुंचने में पुलिस टीम को मात्र डेढ़ घंटे की देरी हो गई थी। जिसके चलते वह मौके से निकल गए। हालांकि सूत्रों का दावा है कि वह बरेली में किसी अज्ञात स्थान पर शरण ले रखी थी।

मैराथन में बैठक में बनी रणनीति

एसएसपी ने अपने आवास पर जांच टीमों के साथ सोमवार को एक बैठक गई। इस दौरान जांच टीमों को मिले अब तक के सुराग के बारे में विस्तार से चर्चा हुई। साथ ही विवेचना के बारे में भी बात हुई। तीनों साजिशकर्ताओं से पूछताछ का क्रम भी तय किया गया। इसमें आईजी रेंज एसके भगत भी मौजूद थे।

नागपुर से मददगार की गिरफ्तारी

हत्याकांड में सोमवार को एक और गिरफ्तारी हो गई है। यह गिरफ्तारी महाराष्ट्र के नागपुर से हुई है। शनिवार को नागपुर के सैय्यद अली को पुलिस ने हिरासत में लिया था अब सोमवार को उसकी गिरफ्तारी हो गई है। सूत्रों के मुताबिक लखनऊ में कमलेश तिवारी की हत्या के बाद एक शूटर ने नागपुर के सैय्यद से फोन पर बात की थी। इस बात की जानकारी मिलते ही महाराष्ट्र एसटीएफ एक्शन में आ गई थी और सैय्यद को हिरासत में ले लिया था।

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Posted By: Inextlive Desk

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