JAMSHEDPUR: उलीडीह थाना अंतर्गत गुरुवार शाम 6:40 बजे राष्ट्रीय राजमार्ग 33 पर एलिड हास्पिटल के सामने बस की चपेट में आने से कपाली गौसनगर निवासी दिलखुश आलम (28 वर्ष) पुत्र जैनुलहक की मौत हो गयी. घटना के बाद मुआवजे व कार्रवाई की मांग को लेकर परिजनों ने दोनों तरफ वाहनों को रोकर हाइवे जाम कर दिया. मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को उठाने का प्रयास किया तो परिजनों ने बिना गिरफ्तारी शव उठाने से मना कर दिया. हाइवे पर बढ़ते जाम को देखकर पुलिस ने पुलिस ने लाठीचार्ज कर बाधा पहुंचा रहे लोगों को खदेड़ा जिससे भगदड़ मच गई जिससे एक दर्जन लोग घायल हो गए. जिसके बाद भी परिजनों ने बिना मुआवजा और बस चालक की गिरफ्तारी के शव उठाने नहीं दिया. जिसकी सूचना पुलिस ने वरिष्ठ अधिकारियों को दी. जिसके बाद क्यूआरटी टीम ने लाठी चलाकर लोगों को खदेड़ जिससे एक युवक नाले में गिरा, वहीं एक महिला अचेत हो गई. मृतक के परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने बर्बरता दिखाते हुए परिजनों पर लाठियां बरसाई. पुलिस ने आस-पास लगे सीसीटीवी की फुटेज को खंगाला लेकिन बस का पता नहीं चला

दोबारा चटकी लाठियां तब भागे लोग

मौके पर पटमदा डीएसपी पहुंचे. उन्होंने भी लोगों को समझाने का प्रयास किया. काफी देर तक बातचीत का असर नहीं हुआ. मानगो, उलीडीह, एमजीएम व आजादनगर थाने की पुलिस भी पहुंची. लोग शव को सड़क से उठाने नहीं दे रहे थे. इसके बाद पुलिस को दोबारा लाठियां भांजनी पड़ी. लाठी चार्ज में आधा दर्जन लोग घायल हो गए. इसके बाद पुलिस जर्मा वाहन से शव को एमजीएम पोस्टमार्टम हाउस भेजवा दिया. लाठीचार्ज के दौरान मृतक का भाई समशुल हक को चोट लगी, इसके अलावा इरशाद नामक युवक का पैर में चोट लगी. जबकि अन्य लोग चोट लगने के बाद भाग खड़े हुए.

बुलेट से आया था बिग बाजार

दिलखुश के बड़े भाई फिरदौस ने बताया कि दिलखुश बुलट मोटर साइकिल से चार दोस्तों के साथ घर से बिग बाजार जाने की बात कहकर निकला था. इसके बाद पता चला कि वह बस के चपेट में आ गया है. हालांकि प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार एक अपाची व एक बुलेट पर सवार युवक संध्या पौने सात बजे बिग बाजार के पास पहुंचे. एक टेंपो व एक बस के बीच में बुलेट सवार फंस गया. बस की ठोकर लगने से घटनास्थल पर उसकी मौत हो गयी.

घर में मचा कोहराम

घटना की जानकारी मिलते ही दिलखुश के घर में कोहराम मच गया. वृद्ध पिता सुबीर आलम, बीमार मां अमीना बहन व परिवार के अन्य सदस्य सकते में आ गए. भाई मौके पर पहुंचा. भाई व दोस्त घटनास्थल पर जोर-जोर से रोने लगे. भाई का कहना था कि एटीएम के पास मुलाकात हुई तो उसे बाहर निकलने के लिए मना किया था.

दुबई में रहता था मृतक, बीमार मां को आया था देखने

मृतक दिलखुश आलम छह भाई व तीन बहन कुल नौ भाई-बहन में पांचवे नंबर का था. मृतक के पिता सुबीर आलम 70 वर्ष का गौसनगर में ही कपड़े की दुकान है. मृतक के मैंझला भाई फिरदौस आलम ने बताया कि मां अमीना का तबियत बहुत ही खराब है. उसे लकवा मार दिया है, जिसके कारण उसे चलने-फिरने में परेशानी है. दिलखुश अपनी मां को देखने के लिए दो माह पूर्व गौसनगर कपाली आया था. वह इसी माह जाने वाला था, लेकिन मां के अनुरोध पर वह रूक गया और 15 दिन के बाद वह दुबई जाने वाला था. भाई ने बताया कि मृतक दिलखुश ही मां-पिता का भरोसा था, क्योंकि सभी भाई अलग अलग रहते हैं. भाई के बयान पर अज्ञात सफेद रंग का बस चालक के खिलाफ लापरवाही से गाड़ी चलाकर धक्का मारना जिससे मृत्यु होने का मामला उलीडीह थाना में दर्ज कराया गया है. पुलिस बस को पकड़ने के लिए बस स्टैंड भी गयी. बताया जाता है कि सफेद रंग का मार्को पोलो नामक बस है जो धनबाद से जमशेदपुर आ रही थी. उसी के चपेट में दिलखुश आया. हालांकि पुलिस छानबीन कर रही है.