-रोडवेज बसों और ट्रकों ने सड़क पर ही बना रखी है पार्किंग

- 26 जनवरी 2018 को हादसे में एक ही परिवार के चार लोगों की हुई थी मौत

बरेली- मेन रोड पर रात में खडे़ वाहनों से अक्सर ही हादसे होते हैं, बावजूद इसके रोडवेज बसों और ट्रकों का सड़कों पर जमावड़ा रहता है. रोडवेज बसों ने तो सड़क पर ही पार्किंग बना रखी है. जहां एक ओर रोड पर ट्रक खड़े कर ट्रांसपोर्ट नगर बसा दिया जा रहा है तो वहीं दूसरी तरफ बसों को खड़ा करके बस अड्डा बनाया जा रहा है. रात में नो एंट्री ओपन होने के बाद सड़कों पर पूरी तरह से कब्जा हो जाता है. इस तरह से सड़क पर खड़े वाहनों की वजह से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन जिम्मेदार फिर भी आंखें बंद करे बैठे हैं.

रात में पूरी तरह से मनमानी

शहर की सड़कों पर दिनभर अतिक्रमण रहता है. चौपुला चौराहा से स्टेशन रोड पर पुलिस लाइन के पीछे दोनों ओर बसें खड़ी रहती हैं. सैटेलाइट से श्यामगंज तक रोड किनारे ट्रक खड़े होते हैं. सैटेलाइट से पीलीभीत बाईपास पर अवैध कार बाजार सड़क पर ही सजता है. इसी तरह से शहर के अन्य हिस्सों में हैवी व्हीकल्स सड़क पर खड़े रहते हैं. रात में नो एंट्री ओपेन होने के बाद तो पूरी तरह से अराजकता फैल जाती है. सभी जगह सड़कों पर ट्रक, रोडवेज बस, प्राइवेट बस व छोटे वाहन खड़े हो जाते हैं.

बस अड्ड पास फिर भी सड़क पर

सैटेलाइट पर बस अड्डा और वर्कशॉप आस-पास ही बना है. इसके बाद भी आपको रोडवेज बसें सड़क पर ही खड़ी दिखती है. यहां सड़क पर लाइन से बसें लगाकर सवारी भरते हैं. ड्राइवर और कंडक्टर अपनी सुविधा के हिसाब से बसें सड़क पर लगा देते है. अधिकारियों की हीलाहवाली के चलते इनके हौसले बुलंद हैं और यह मनमानी करने से बाज नहीं आते हैं.

हादसों से भी नहीं ले रहे सबक

दिसंबर और जनवरी माह में रोड किनारे खड़े हैवी व्हीकल में छोटे वाहन टकराने से बड़े हादसे हुए थे. 26 दिसंबर 2018 को बिथरी चैनपुर में बड़ा बाईपास पर रोड किनारे खड़े ट्रक में जाकर वेन घुस गई थी. हादसे में एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत हो गई थी और 5 लोग घायल हो गए थे. इससे पहले 21 दिसंबर को बहेड़ी में नैनीताल बाईपास पर तेज रफ्तार कार रोड किनारे खड़े ट्रक में जा घुसी थी. इस हादसे में भी 4 लोगों की जान चली गई थी.

अभी तक नहीं बसा सके टीपी नगर

ट्रांसपोर्ट नगर बसाने की शुरुआत 18 साल पहले शुरू की गई थी, लेकिन आज तक बस नहीं सका है. नए कमिश्नर और डीएम टीपी नगर बसाने की बात करते हैं, लेकिन आगे कुछ भी काम होता नहीं दिखता. वहीं पूर्व डीएम आर विक्रम सिंह ने मेयर के साथ इसे बसाने की प्लानिंग की थी. मेयर ने भी बड़े-बड़े दावे किए थे, लेकिन नतीजा कुछ भी नहीं निकला. कमिश्नर रणवीर प्रसाद ने मीटिंग कर टीपी नगर में न जाने वाले दुकानदारों पर कार्रवाई के आदेश दिए थे. ट्रैफिक पुलिस ने भी शहर में खड़े वाहनों पर एक्शन लेकर खानापूर्ति की, लेकिन उसके बाद हालात जस के तस हैं.

बॉक्स

नोटिस दिया तो जाग गया चीता

कोतवाली एरिया में ठेले वाले रोड पर अतिक्रमण कर रहे हैं. यही नहीं कोतवाली गेट पर ही ठेले खड़े हो जाते हैं. इन ठेलों की वजह से अक्सर ही जाम लगता है. सीओ सिटी ने कोतवाली एरिया के चीता मोबाइल को नोटिस दिया, जिसके बाद सैटरडे को चीता पुलिस ने कार्रवाई की. चीता ने सड़क पर खड़े ठेलों को हटाना शुरू कर दिया और जो नहीं माना तो उसे कोतवाली के अंदर खींच लाए.

सड़क पर कोई भी व्हीकल नहीं खड़ा कर सकते हैं. ट्रकों व बसों के खिलाफ अभियान चलाया जाता है. कुछ दिनों पहले 7 रोडवेज बसों के चालान किए थे. नोटिस दिया गया है.

सुभाष चंद्र गंगवार, एसपी ट्रैफिक

सड़क पर बसें खड़ा करना गलत है. यह ड्राइवर्स की मनमानी है. ड्राइवर्स पर कार्रवाई की जाती है. बस अड्डे के पास सड़क पर बसें खड़ी होती हैं तो उन पर कार्रवाई की जाएगी.

अमर नाथ मेहता, एसएम परिवहन निगम बरेली