- झंगहा एरिया की नया गिरोह लूट की घटनाओं को दे चुका है अंजाम

- मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने तरकुलहा मेले से पांच को किया गिरफ्तार, तीन फरार

- चार चोरी की बाइक, मोबाइल, असलहा, जिंदा कारतूस और 57 हजार नकदी बरामद

GORAKHPUR: पढ़ाई के बाद नौकरी की तलाश में भटक रहे युवक गिरोह बनाकर लुटेरे बन गए. मुखबिर की सूचना पर गिरोह के सदस्यों को तरकुलहा मेला से अरेस्ट किया गया. सूचना मिली थी कि गिरोह डकैती की योजना बना रहा है. सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने पांच बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने उनके पास से लूट और चोरी की चार बाइक, मोबाइल, 57 हजार रुपए नकदी और असलहा भी बरामद किया.

बिजनेस में हुआ घाटा तो करने लगा लूट

पुलिस लाइंस सभागार में बुधवार को एसपी नॉर्थ अरविंद कुमार पांडेय और सीओ चौरीचौरा सुमित शुक्ला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह गिरोह काफी समय से फरार चल रहा था. पुलिस ने मौके पर पहुंच कर पांच को गिरफ्तार कर लिया. पकड़े गए बदमाशों में झंगहा एरिया के जंगल रसूलपुर नंबर दो टोला नेकवार के रहने वाले विशाल चौहान, रामपुर के सोनू प्रजापति, अभिषेक यादव, मुकुल यादव, लालापुर के सूरज कुमार गौड़ शामिल हैं. पूछताछ में विशाल चौहान ने बताया कि उसका खुद का मुर्गी फार्म है जिसमें काफी पैसा खर्च होने के बाद घाटा हो गया. उसने इस घाटे की भरपाई के लिए लूट और चोरी का रास्ता अख्तियार किया. सोनू के पिता बढ़ई का काम करते हैं. वह काम की तलाश में भटक रहा था. सोनू ने आईटीआई किया है तो अभिषेक यादव बीए और मुकुल इंटर की पढ़ाई कर चुके हैं. यह सभी नौकरी की तलाश कर रहे थे. लेकिन जब उन्हें काम नहीं मिला तो वे गिरोह बना लूट और चोरी की घटनाओं को अंजाम देने लगे. यह उभरता गैंग पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था.

बना रहे थे डकैती की योजना, धराए

मिली जानकारी के मुताबिक बदमाश मंगलवार की रात चौरीचौरा एरिया के तरकुलहा मेला परिसर में एकत्र होकर डकैती की योजना बना रहे थे. इसी बीच मुखबिर की सूचना पर झंगहा प्रभारी नीरज कुमार राय के नेतृत्व में पुलिस टीम रात 11.30 बजे मौके पर पहुंच गई. मुखबिर के इशारा करते ही पुलिस ने चोरों तरफ से घेराबंदी कर पांच को पकड़ लिया लेकिन अंधेरे का फायदा उठाते हुए झंगहा के महुवरकोल निवासी सोहन चौहान और बरबसहा निवासी शैलेष निषाद मौके से फरार हो गए. फरार चल रहे बदमाशों की तलाश में पुलिस लगी है.

देवरिया हो जाते थे फरार

झंगहा एरिया का यह उभरता हुआ गिरोह लूट और चोरी की वारदात को अंजाम देने के बाद देवरिया फरार हो जाता था. क्योंकि झंगहा और देवरिया बॉर्डर की दूरी चंद कदम की है. इसलिए पुलिस को उन्हें पकड़ने में मशक्कत करनी पड़ती. इतना ही नहीं यह लुटेरे सिंघडि़या में एक किराए का मकान लेकर रहते थे. यहां पर भी उनका आना-जाना रहता था.

एसएसपी ने टीम को दिया ईनाम

बदमाशों को पकड़ने वाली टीम में झंगहा थाना प्रभारी नीरज कुमार राय, उप निरीक्षण आलोक कुमार राय, जय प्रकाश यादव, आशीष पांडेय, हेड कांस्टेबल अमित शर्मा, अनिल चौरसिया, धर्मेद्र सिंह, राजीव सिंह, हीरा सिंह, कांस्टेबल हरिकेश नाथ यादव, संजय साह, दीपक कुमार शामिल हैं. एसएसपी डॉ. सुनील कुमार गुप्ता ने इस कामयाबी पर टीम को दस हजार रुपए से पुरस्कृत किया है.