लोगों के जग जाने के बाद भागे बदमाश
भीमावाला गांव में डकैती की वारदात छोटी दीपावली की रात यानी 2 नवंबर को हुई. जहां रात करीब 12 बजे लाठी डंडों से लैस आधा दर्जन से अधिक बदमाश पुनीत पुत्र चंद्रपाल के घर जा धमके. इस दौरान घर के सभी सदस्य सो रहे थे. दरवाजा तोड़कर घर में घुसे बदमाशों ने घर में मौजूद पुनीत के साथ उसके भाई प्रदीप, पत्नी ज्योति व मां संतोषी देवी को लाठी डंडों से पीटना शुरू कर दिया. लहूलुहान करने के बाद बदमाशों ने सभी को बंधक बनाकर घर में रखे संदूक का ताला तोड़कर लाखों की ज्वैलरी और दस हजार रुपए लूट लिए. जिसके बाद बदमाश पास में मनीष पुत्र राम सिंह के घर पहुंचे. घर के बाहर किसी की आहट सुनकर मनीष की मां सीता देवी बाहर आई तो बाहर कोई नहीं था. मां को बाहर आता देख मनीष और उसकी पत्नी सुषमा देवी भी बाहर आ गई. ठीक इसी बीच अंधेरे में छुपे बदमाशों ने उन पर हमला बोल दिया. हल्ला होने पर पूरा गांव जग गया जिस कारण बदमाश मौके से भाग निकले.

सभी को किया बाथरूम में बंद

डकैती की तीसरी घटना बडोवाला में सामने आई. जहां मूल रूप से पौड़ी निवासी विरेन्द्र गुसांई नेवी से रिटायर्ड होने के बाद मकान बना रहे हैैं. वे बडोवाला में ही चंद्रकांत बिष्ट का मकान किराए पर लेकर पत्नी सुनीता देवी और बेटी स्वाती के साथ रहते हैैं. तीन नवंबर की देर रात करीब 12 बजे लाठी डंडों से लैस बदमाशों ने विरेन्द्र के घर में दस्तक दी. इस दौरान घर में सभी लोग जग रहे थे जिस कारण घर के मेन गेट पर मात्र जाली वाला दरवाजा लगा हुआ था. बदमाशों ने जाली वाले दरवाजे को जोर से बाहर की तरफ खींचा जिस कारण उसकी कुंडी टूट गई. बदमाश घर में दाखिल हुए तो सबसे पहले उन्होंने विरेन्द्र को निशाना बनाकर उनके सिर पर डंडे से वार किया. बीच बचाव करने आई विरेन्द्र की वाइफ सुनीता के सिर पर भी बदमाशों ने लाठी से कई वार कर दिए. मां बाप के लहूलुहान होकर गिर जाने पर स्वाती बुरी तरह डर गए. जिसके बाद बदमाशों ने स्वाती के मुंह पर कपड़ा बांधकर सभी लोगों को बाथरूम में बंद कर दिया और मोबाइल छीन लिए. किसी तरह बाथरूम का दरवाजा तोड़कर सभी लोग बाहर निकले तो गोदरेज के लॉकर में रखी तीन लाख रुपए की ज्वैलरी और डेढ़ लाख रुपए कैश गायब था. सुनीता देवी ने इसकी सूचना पड़ोसियों को दी. मौके पर पहुंचे पड़ोसियों ने किसी तरह सुनीता देवी और विरेन्द्र को निजी वाहन से महंत इंद्रेश हॉस्पिटल में एडमिट करने के साथ सूचना पुलिस को दी.

पटेल नगर फेवरेट फार क्रिमिनल्स
सिटी का पटेल नगर एरिया क्रिमिनल्स के लिए फेवरेट प्लेस बनता जा रहा है. इसके पीछे स्थानीय पुलिस का घटना दर घटना नाकाम होना प्रमुख कारण माना जा रहा है. बीते दिनों स्मैक की बड़ी खेप पकडऩे के अलावा पुलिस के पास चेहरा दिखाने लायक कुछ भी नहीं है. मर्डर के दो बड़े केसेज भी वर्क आउट करने मे पुलिस फिलहाल सफल नहीं हो सकी है. चोरी की भी कई वारदातें पटेल नगर पुलिस को आईना दिखा रहे हैं. हालांकि, हर वारदात की तरह इस बार भी पुलिस दावा कर रही है कि, डकैती की इस बड़ी घटना को जल्द वर्क आउट कर लिया जाएगा.