-आरपीएफ जवानों ने बीएसएफ जवान से ऐंठे थे दस हजार रुपए, हो गए बर्खास्त

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PRAYAGRAJ: जेब में पैसा न होने पर पेटीएम से ऑनलाइन घूस लेना आरपीएफ के दो जवानों को भारी पड़ गया. बीएसएफ जवान की शिकायत और सुबूत सही पाए जाने पर दोनों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है.

पत्नी नहीं चढ़ पाई तो की चेन पुलिंग
न्यू जलपाईगुड़ी (पश्चिम बंगाल) निवासी देवराम थापा बीएसएफ डीआईजी की सुरक्षा में नई दिल्ली में तैनात हैं. उन्होंने 12 जुलाई को 12424 डिब्रूगढ़ राजधानी एक्सप्रेस में न्यू जलपाईगुड़ी के लिए रिजर्वेशन कराया था. बी-6 कोच में उनकी 25 और 26 नंबर सीट थी. 12 जुलाई को गर्भवती पत्नी के साथ जब वह नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचे तो ट्रेन के रवाना होने का समय हो चुका था. कोच तक पहुंचने से पहले ही ट्रेन चलने लगी. देवराम तो ट्रेन में सवार हो गए, लेकिन पत्नी प्लेटफॉर्म पर ही रह गई. उन्होंने चेन पुलिंग कर उसे कोच में चढ़ा लिया.

आरपीएफ जवानों ने की अवैध वसूली
ट्रेन में कानपुर के अनवरगंज स्टेशन पर तैनात आरपीएफ सिपाही आशीष चौहान और रामनयन यादव एस्कॉर्ट कर रहे थे. दोनों ने बीएसएफ जवान को चेन पुलिंग करते देखा तो धमकी दी कि चेन पुलिंग के जुर्म में रिपोर्ट दर्ज करा देंगे. छोड़ने के एवज में सिपाहियों ने जवान से 10 हजार रुपए रिश्वत मांगी. देवराम ने कहा कि उसके पास सात हजार रुपए ही कैश हैं, लेकिन सिपाही माने नहीं. बीएसएफ जवान ने घूस की बाकी रकम पेटीएम से देने की बात कही तो दोनों राजी हो गए.

कम्प्लेन सही मिलने पर हुई कार्रवाई
घूस देने के बाद बीएसएफ जवान ने पेटीएम पेमेंट डिटेल के साथ आरपीएफ डीजी को ट्वीट कर दी. साथ ही इसकी शिकायत कोच कंडक्टर से भी की. डीजी ने इलाहाबाद रेलवे स्टेशन के कमांडेंट से जांच कर एक दिन में रिपोर्ट मांगी थी. आरपीएफ सिपाही आशीष चौहान के खाते में रुपए ट्रांसफर होने की पुष्टि होने पर आईजी आरपीएफ ने दोनों जवानों को बर्खास्त कर दिया.