सरकार ने आज कहा कि अगले साल जुलाई में लंदन में होने जा रहे ओलंपिक खेलों की तैयारियों के लिए 260 करोड़ रूपए में से 111 करोड़ रूपए खिलाडिय़ों के प्रशिक्षण पर खर्च किए जा चुके हैं.

 खेल मंत्री अजय माकन ने आज राज्यसभा में बताया ‘‘ओलंपिक खेलों की तैयारियों के लिए अलग रखे गए 260 करोड़ रूपए में से 30 नवंबर तक 111 करोड़ रूपए खिलाडिय़ों के प्रशिक्षण पर खर्च किए जा चुके हैं.’’

 उन्होंने बताया ‘‘लंदन ओलंपिक खेलों के प्रशिक्षण के लिए शुरूआती तौर पर 732 खिलाडिय़ों को चुना गया. संभावित दावेदारों को प्रशिक्षण देने के लिए 144 कोच भी इनमें शामिल किए गए हैं जिनमें से 19 विदेशी हैं.’’  माकन ने बताया कि प्रशिक्षण के लिए हुए कुल व्यय में से 65 करोड़ रूपए तीरंदाजी, मुक्केबाजी और अन्य खेलों के विभिन्न खिलाडिय़ों की प्रशिक्षण संबंधी विदेश यात्राओं पर खर्च हुए हैं.

 उन्होंने बताया कि मुक्केबाजी में चार देवेन्द्र सिंह, जय भगवान, मनोज और विकास कृष्ण इस साल अजरबैजान के बाकू में संपन्न विश्व स्पर्धा में अपने प्रदर्शन के आधार पर लंदन ओलंपिक के लिए पहले ही क्वालीफाई हो चुके हैं.

माकन ने बताया कि पूर्वोत्तर के शिव कुमार थापा एक प्रतिभावान मुक्केबाज हैं लेकिन 2011 की विश्व मुक्केबाजी स्पर्धा में 56 किग्रा वजन की श्रेणी के लिए हुए चयन ट्रायल में वह अखिल कुमार से हार गए थे. उन्हें इसी श्रेणी में रिजर्व मुक्केबाज के तौर पर रखा गया है.

 कबड्डी के बारे में पूछे गए उत्तर में माकन ने बताया कि कबड्डी एक परंपरागत खेल है और परंपरागत खेलों के विकास के लिए विशेष पैकेज दिया जाता है.

 उन्होंने हाकी के बारे में पूछे गए प्रशन के बारे बताया कि भारतीय पुरूष हॉकी टीम ने सितंबर 2011 में चीन में आयोजित एशियन चैम्पियनशिप में पाकिस्तान को हरा कर स्वर्ण पदक जीता. उन्होंने बताया कि सरकार की योजना के प्रावधानों के अनुसार, विजेता टीम के प्रत्एक खिलाड़ी को डेढ़ डेड़ लाख रूपए की राशि बतौर इनाम दी गई.

 माकन के अनुसार, ओलंपिक 2012 की तैयारी के तौर पर विदेश में प्रदर्शन के अवसर, विदेशी कोच, भोजन तथा आवास सहित हॉकी खेल के विभिन्न पहलुओं के लिए अप्रैल से 30 नवंबर 2011 तक हॉकी पर 16.10 करोड़ रूपए खर्च किए गए हैं.