-उप्र राज्य सड़क परिवहन निगम के प्रयागराज रीजन में साप्ताहिक अवकाश को लेकर मची रहती है रार

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PRAYAGRAJ: उप्र राज्य सड़क परिवहन निगम के प्रयागराज रीजन की दशा भी ठीक नहीं है. रीजन के डिपो में रेगुलर ड्राइवर की संख्या संविदा ड्राइवरों की तुलना में आधी है. उसके बावजूद रेगुलर ड्राइवरों को रेस्ट करने का समय नहीं मिल पाता है. संविदा पर रखे गए ड्राइवर ही डबल ड्यूटी और प्रतिदिन के हिसाब से बसों को लेकर चलते हैं. उसके बदले उन्हें साप्ताहिक अवकाश के नाम पर छुट्टी देने में फेरबदल किया जाता है.

संविदा ड्राइवरों का ऐसा नियम

-78 हजार किमी वित्तीय वर्ष में बस चलाने पर प्रतिमाह 17 हजार रूपए दिया जाता है.

-14 हजार किमी वित्तीय वर्ष में रोडवेज बस लेकर जाने पर 14 हजार रूपए प्रतिमाह भुगतान किया जाता है.

-288 दिन अनिवार्य रूप से बसों का परिचालन तय किया गया है.

-05 हजार किमी अतिरिक्त और महीने में 22 दिनों की ड्यूटी करते हैं तो तीन हजार रुपए इंसेंटिव दिया जाता है.

महत्वपूर्ण तथ्य

-15 बसों का परिचालन होता है प्रयागराज से नई दिल्ली, उत्तराखंड के हलद्वानी, मेरठ, आगरा जैसे लम्बी दूरी की रूट पर सिविल लाइंस व प्रयाग डिपो से.

-400 किमी से अधिक के लम्बी रूट की बसों पर दो-दो ड्राइवरों को भेजा जाता है. -200 से 250 किमी की दूरी की बसों में एक ड्राइवर की तैनाती की जाती है.

अवकाश की स्थिति

निगम के रेगुलर ड्राइवरों को सप्ताह में एक दिन का अवकाश दिया जाता है. लेकिन पिछले दस साल से रेगुलर भर्ती न होने की दशा में अनुभव को वरीयता देते हुए रेगुलर ड्राइवरों को सप्ताह में एक दिन का अवकाश देने के बजाए एक साथ चार दिनों का अवकाश दिया जाता है. उप्र रोडवेज कर्मचारी संघ के प्रदेश मंत्री सत्य नारायण यादव के मुताबिक संविदा ड्राइवर वेतन भुगतान की वजह से ज्यादा ड्यूटी करते हैं. 200 किमी एवरेज के हिसाब से रूट पर जाने वाली बसों में उन्हें भी भेजा जाता है. उन्हें सप्ताह में एक दिन अवकाश दिया जाता है.

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प्रतिमाह लगता है शिविर

रोडवेज के प्रत्येक डिपो में ड्राइवरों की आंख का चेकअप कराने के लिए नेत्र परीक्षण शिविर का आयोजन अनिवार्य रूप से कराया जाता है. खासतौर से नाइट ड्यूटी करने वाले संविदा ड्राइवरों का विधिवत नेत्र, बीपी व हार्ट से संबंधित परीक्षण करवाया जाता है.

आठ डिपो

प्रयागराज रीजन के अन्तर्गत सिविल लाइंस डिपो, जीरो रोड डिपो, प्रयाग डिपो, लीडर रोड डिपो, मिर्जापुर डिपो, लालगंज डिपो, प्रतापगढ़ डिपो व बादशाह पुर डिपो से बसों का संचालन होता है.

डिपो और बसों की संख्या

सिविल लाइंस डिपो : 109

मिर्जापुर डिपो : 75

प्रतापगढ़ डिपो : 83

जीरो रोड डिपो : 81

लीडर रोड डिपो : 95

प्रयाग डिपो : 110

लालगंज डिपो : 36

बादशाहपुर डिपो : 21

610 बसें

प्रयागराज रीजन के आठ डिपो में सामान्य, एसी जन रथ व शताब्दी बसों की कुल मिलाकर संख्या 610 है. इनमें सिविल लाइंस डिपो में सर्वाधिक दस एसी जनरथ, पांच-पांच एसी जन रथ बसों का संचालन जीरो रोड व प्रयाग डिपो से किया जाता है.

वर्जन

एक्सप्रेस-वे पर हुआ हादसा मैनुअल मिस्टेक है. हमारे रीजन में संविदा ड्राइवरों की संख्या रेगुलर की तुलना में अधिक है. इसलिए प्रतिमाह अनिवार्य रूप से ड्राइवरों का परीक्षण कराया जाता है.

-टीकेएस बिसेन, आरएम प्रयागराज रीजन

संविदा ड्राइवर हो या रेगुलर अवकाश को लेकर माथा-पच्ची होती रहती है. काम का दबाव बहुत ज्यादा रहता है. लांग रूट पर रेस्ट करने की कोई सुविधा नहीं दी जाती है. इस वजह से संघ पांच वर्षो से लगातार रेगुलर भर्ती किए जाने की मांग कर रहा है.

-सत्य नारायण यादव, प्रदेश मंत्री उप्र रोडवेज कर्मचारी संघ