रामलीला में रोड़ा बने दबंग के खिलाफ डीएम से शिकायत की मांग को लेकर धरने पर बैठे थे ग्रामीण

ALLAHABAD: रामलीला के प्रोग्राम में रोड़ा बने दबंग के खिलाफ शनिवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीणों का पारा एसडीएम फूलपुर की बदसुलूकी से हाई हो गया. अपशब्दों से खफा ग्रामीणों ने हंगामा शुरू कर दिया. माहौल बिगड़ता देख सिटी मजिस्ट्रेट व सीओ सोरांव ने बगैर देर किए मोर्चा संभाल लिया. इन दोनों अधिकारियों ने किसी तरह समझा-बुझा कर लोगों को शांत कराया. सीओ ने मौके पर एसओ सोरांव को भेजकर दबंग के खिलाफ कार्रवाई करने व रामलीला के लिए पूजा कराने का निर्देश दिया. इसके बाद ग्रामीण वापस लौट गए.

बांस बल्ली उखाड़ ले गए दबंग

ग्रामीणों का कहना था कि फूलपुर तहसील के नूरपुर ग्राम सभा स्थित देवापुर गांव में जीएस की जमीन पर विगत कई वर्षो से रामलीला होती आ रही है. इस वर्ष शनिवार से रामलीला शुरू होनी थी. भूमि पूजन के लिए आयोजक हेमराज पटेल की अगुवाई में दर्जनों कार्यकर्ता तैयारी में जुटे थे. इस बीच दबंग ने आयोजन स्थल पर पानी भर दिया. आयोजकों ने विरोध किया तो वे हमला करने लगा. दबंग वहां लगाई गई बांस-बल्ली भी उखाड़ ले गए. इससे खफा ग्रामीण आयोजक हेमराज की अगुवाई में रामलीला के प्रोग्राम में रोड़ा बने दबंग की शिकायत करने कलक्ट्रेट पहुंचे. यहां उनकी बात न सुनी जाने पर ग्रामीण डीएम आवास गेट के सामने धरने पर बैठ गए. थोड़ी देर में पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट ने एसडीएम द्वारा दिए गए रामलीला के आदेश सहित अन्य कागजातों को चेक किया. उन्होंने सारे कागजात ग्रामीणों के फेवर पाया. ग्रामीणों कहना था कि फिर भी दबंग रामलीला नहीं होने दे रहा है. वह जमीन पर कब्जा करना चाहता है. रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर रही. इस पर मजिस्ट्रेट ने सीओ सोरांव को मौके पर बुलाया. दोनों अधिकारी मामला समझने के बाद एसडीएम फूलपुर को मौके पर बुला लिए.

तब शांतिपूर्वक लौटे ग्रामीण

आरोप है कि गेट के सामने धरने पर बैठक कर डीएम से मिलने की मांग कर रहे रामलीला आयोजक संग ग्रामीणों को पहुंचते ही एसडीएम अपशब्दों का प्रयोग करते हुए भगाना शुरू कर दिए. उनके गुस्से को देख ग्रामीण धरने से उठ कर जाने भी लगे. इस पर एसडीएम अपनी गाड़ी में लगे माइक से अपशब्दों का प्रयोग करते हुए गेट तक खदेड़ते हुए आगे बढ़ने लगे. एसडीएम की बातें सुन कर शांतिपूर्वक जा रहे ग्रामीण आक्रोशित हो होकर हंगामा करने लगे. माहौल को देख गेट पर सिटी मजिस्ट्रेट व सीओ सोरांव ने मोर्चा संभाल लिया. सिटी मजिस्ट्रेट ने ग्रामीणों के सामने माना कि एसडीएम का लहजा सही नहीं था. सीओ ने फौरज मौके पर जाकर रामलीला के लिए भूमिपूजन कराने के निर्देश एसओ सोरांव को दिए. इसके बाद सभी शांति पूर्वक गांव लौट गए.