शिरडी (पीटीआई)। साईं बाबा के भक्तों ने रविवार को शहर में अनिश्चितकालीन बंद के बीच बड़ी संख्या में शिरडी मंदिर का दौरा किया। दरअसल, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने परभणी जिले के पाथरी में साईं बाबा से जुड़े स्थान पर सुविधाओं को विकसित करने के लिए 100 करोड़ रुपये की राशि आवंटित करने की घोषणा की, जिससे लोग नाराज हो गए और बंदी का एलान कर दिया। बता दें कि कुछ भक्त पाथरी को साईं बाबा का जन्मस्थान मानते हैं, वहीं शिरडी के लोगों का कहना है कि उनके जन्मस्थान के बारे में अभी तक पता नहीं चल पाया है। अहमदनगर जिले का शिरडी और परभणी जिले का पथरी 281 किलोमीटर दूर हैं। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने सोमवार को मुंबई में राज्य सचिवालय में इस मुद्दे पर एक बैठक बुलाई है।

भक्तों को नहीं होगी कठिनाई

शिरडी मंदिर देश के सबसे लोकप्रिय धार्मिक स्थलों में से एक है। हर साल एक लाख से अधिक भक्त इसे देखने आते हैं। साईबाबा संस्थान ट्रस्ट के सदस्य बी वाकचर ने शनिवार को आश्वासन दिया कि शिरडी आने पर भक्तों को कोई कठिनाई नहीं होगी। रविवार को, जबकि बाकी शहर बंद रहे, मंदिर दर्शन के लिए खुला रहा। भक्तों को असुविधा न हो, इसके लिए 'प्रसादालय' और मंदिर की रसोई भी खुली है। मंदिर के 'प्रसादालय', नाश्ता केंद्र और 'लड्डू' बिक्री केंद्रों के सामने भक्तों की लंबी कतारें देखी गईं। साईंबाबा मंदिर के पूर्व ट्रस्टी रहे स्थानीय भाजपा सदस्य सचिन ताम्बे पाटिल ने बंद को 'सफल' बताते हुए कहा, 'व्यावसायिक प्रतिष्ठान, दुकानें, रेस्तरां और स्थानीय परिवहन (ऑटोरिक्शा और अन्य निजी वाहन) बंद हैं और कस्बे के साथ-साथ शिरडी के आसपास के 25 गांवों में भी पूर्ण रूप से बंदी है।'

पहले बुकिंग करने वाले भक्तों के लिए होटल उपलब्ध

वहीं, जिला प्रशासन के अधिकारी ने कहा कि होटल में प्री-बुकिंग करने वाले भक्तों को रहने की अनुमति दी गई है और हवाई अड्डे से मंदिर तक टैक्सी सेवाएं भी प्रभावित नहीं हुईं हैं। अन्य स्थानों से राज्य परिवहन की बसों को शहर में आने की अनुमति दी जा रही है। बंदी करने वाले लोग यह मांग कर रहे हैं कि ठाकरे अपना आधिकारिक बयान वापस लें, जिसमें उन्होंने पथरी को साईंबाबा की जन्मभूमि बताया था।

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