-मौनी अमावस्या पर अव्यवस्थाओं को लेकर भड़के संत

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PRAYAGRAJ: मौनी अमावस्या पर शाही स्नान के दौरान अव्यवस्थाओं को लेकर अखाड़ों के साधु-संतों का गुस्सा कम होने का नाम नहीं ले रहा है. मंगलवार को अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की मीटिंग के दौरान बसंत पंचमी के शाही स्नान के बहिष्कार करने का कई संतों ने प्रस्ताव रख दिया. इस दौरान संतों का कहना था कि पूर्व की परम्परा के अनुसार मेला प्रशासन की ओर से शाही स्नान को लेकर व्यवस्था सही ढंग से नहीं की गई थी. इसके कारण कई अखाड़ों को दिक्कत का सामना करना पड़ा. ऐसे में अगर मेला प्रशासन ने सभी व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया तो अखाड़ों की तरफ से बसंत पंचमी के शाही स्नान का बहिष्कार किया जाएगा.

बड़ा उदासीन अखाड़ा ने उठाया मुद्दा

बड़ा उदासीन अखाड़ा के श्रीमहंत महेश्वरदास जी ने बताया कि अखाड़ा के शाही स्नान के दौरान उनके मार्ग आदि पर उचित व्यवस्थाएं की जाती हैं. लेकिन मेला प्रशासन की ओर से ऐसा नहीं किया गया. जिससे मौनी अमावस्या के शाही स्नान के दौरान अखाड़ों को दिक्कत का सामना करना पड़ा. अभी तक अखाड़ों के शाही स्नान के दौरान प्रत्येक अखाड़ा के साथ मजिस्ट्रेट और सीओ की तैनाती होती थी, लेकिन मौनी अमावस्या के शाही स्नान के दौरान ऐसा देखने को नहीं मिला. जिससे अखाड़ों को शाही स्नान के लिए जाते समय दिक्कत का सामना करना पड़ा. मेला प्रशासन पर नाराजगी जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि मेला में अव्यवस्थाओं का भंडार है. दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को भी एक दम लावारिस की तरह छोड़ दिया गया था. ससे उनको भी दिक्कत उठानी पड़ी. श्रीमहंत महेश्वरदास जी ने बताया कि अखाड़ा परिषद की मीटिंग में व्यवस्था नहीं सुधरने पर शाही स्नान के बहिष्कार का प्रस्ताव रखा गया है. प्रशासन की ओर से इसको लेकर मीटिंग होनी है. इसके बाद आखिरी निर्णय लिया जाएगा. अगर व्यवस्थाओं में सुधार नहीं होता है तो शाही स्नान का बहिष्कार किया जाएगा. हालांकि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरी ने बताया कि अभी शाही स्नान के बहिष्कार की बात गलत है. अभी ऐसा कोई निर्णय नहीं हुआ है.