- एफएसडीए ने कर्मचारी नगर में इशांत मिश्रा के घर से बरामद की एक करोड़ की मेडिसिन, मंडल में थी सप्लाई

- इज्जतनगर थाने में एफआईआर दर्ज, जांच को भेजे गए मेडिसिन के सैंपल

बरेली : फूड सेफ्टी एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफएसडीए) डिपार्टमेंट ने बिना लाइसेंस बरेली मंडल में बड़ी कंपनियों की मेडिसिन सप्लाई करने के गोरखधंधे का फ्राइडे को भंडाफोड़ किया. कर्मचारी नगर में अर्चना रेजिडेंसी स्थित इशांत मिश्रा के घर से करीब एक करोड़ की दवाइयां पकड़ी गई. एफएसडीए ने मुखबिर की सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की. सुबह करीब 11 बजे से शुरू हुई यह कार्रवाई देर शाम तक जारी रही. बाद में इज्जतनगर थाने में ईशांत मिश्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी गई.

एमआर से थ्ाी मिलीभगत

एफएसडीए ने छापेमारी के बाद जब ईशांत मिश्रा से पूछताछ की तो खुलासा हुआ कि उसकी दवा कंपनियों के मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव्स से उसकी मिलीभगत थी, जो उसे मेडिसिन सप्लाई करते थे. इसके बाद वह अपने घर से पूरे मंडल के हॉस्पिटल्स और मेडिकल स्टोर्स को मेडिसिन सप्लाई करता था.

एमआर से भी हाेगी पूछताछ

एफएसडीए की टीम को घर में जो भी मेडिसिन मिली है, उसे जांच के लिए हायर सेंटर लैब भेजा जाएगा. अगर जांच में ये मेडिसिन नकली पाई गई तो घर के ओनर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. इसके अलावा उन एमआर को पकड़कर पूछताछ की जाएगी, जो ईशांत मिश्रा को मेडिसिन सप्लाई करते थे.

डेली लोड-अनलोड होता था सामान

पीलीभीत के ड्रग इंस्पेक्टर बबिता रानी, शाहजहांपुर के ड्रग इंस्पेक्टर देशबंधु विमल बदायूं के ड्रग इंस्पेक्टर नवनीत कुमार और बरेली की ड्रग इंस्पेक्टर उर्मिला वर्मा ने जब ईशांत मिश्रा के घर के आसपास के लोगों से पूछताछ की तो पता चला उसके यहां सुबह से लेकर शाम तक लोगों को आवागमन रहता था. अक्सर छोटे-बड़े वाहन लोड और अनलोड होते थे. लेकिन वाहनों से क्या सामान चढ़ उतर रहा है इसकी भनक तक किसी को नहीं लगती थी.

इन कंपनियों की दवाएं मिली

- मैनकाइंड

- ल्यूपिन

- डॉक्टर रेड्डी

- एरिस्टो

- रैनबैक्सी

इसके अलावा कुछ कंपनियों की कॉस्मेटिक्स, पेन किलर और एंटी बॉयोटिक्स की भी भारी खेप मिली है.

यह सजा हाे सकती है

नियमों के अनुसार अगर गड़बड़ी साबित हो जाती है तो आरोपी को सात साल की कैद और भारी जुर्माना लगाया जा सकता है.

वर्जन

सूचना पर टीम ने कर्मचारी नगर स्थित इशांत शर्मा के यहां छापा मारा तो ब्रांडेड कंपनियों की मेडिसिन की बड़ी खेप मिली है. लाईसेंस के बगैर की यह कारोबार चल रहा था. दवाओं को जब्त कर जांच के लिए लैब भेजा जाएगा. होम ओनर के खिलाफ एफआईआर कराई गई है.

उर्मिला वर्मा, ड्रग इंस्पेक्टर.