वैश्विक संघर्षों दोहरा मापदंड

सऊदी अरब ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की सदस्यता यह कहते हुए ठुकरा दी कि वह वैश्विक संघर्षों के समाधान में दोहरा मापदंड अपनाती है. सऊदी अरब का एक दिन पहले ही परिषद के अस्थायी सदस्य देश के रूप में चयन हुआ था.शुक्रवार को देश की सरकारी प्रेस एजेंसी की ओर से जारी बयान में सऊदी विदेश मंत्री ने कहा कि सीरिया को लेकर परिषद अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करने में पूरी तरह अक्षम रही है. इसमें कहा गया है कि वैश्विक शांति की दिशा में सुरक्षा परिषद अपनी जिम्मेदारियों और कर्तव्यों को निभाने में दोहरा मापदंड अपनाती है.

पहली बार हुआ था चुनाव

ऐसी स्थिति में सऊदी के पास परिषद की सदस्यता अस्वीकार करने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं था. सुधार लागू होने के बाद ही इसकी सदस्यता स्वीकार की जाएगी. वैश्विक संघर्षों के समाधान में अहम भूमिका निभाने के लिए गुरुवार को ही 15 सदस्यीय परिषद के लिए पहली बार सऊदी अरब को चुना गया था. संयुक्त राष्ट्र में सऊदी के राजदूत अदुल्ला अल मौअल्लिमी ने कहा कि हमारा यह कदम सुरक्षा परिषद में सुधार और विवादित मसलों का शांतिपूर्वक हल निकालने के समर्थन में हमारी लंबे समय से चली आ रही नीति को दर्शाता है.

सीरिया, फलस्तीन और इजरायल हैं कारण

मंत्रालय के बयान में सदस्यता से इन्कार करने के पीछे सीरिया में पिछले तीन वर्षों से जारी गृहयुद्ध, फलस्तीन और इजरायल संघर्ष का समाधान न निकालने को मुख्य कारण बताया गया है. पश्चिम एशिया को जनसंहारक हथियार मुक्त बनाने में परिषद की नाकामी की भी आलोचना की गई है.

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