ईरानी राजनयिको 48 घंटे में अरब से जाना होगा
शिया धर्मगुरु निम्र-अल-निम्र को मृत्युदंड के बाद खाड़ी देशों में तनाव चरम पर पहुंच गया है। सऊदी अरब ने क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्वी ईरान से राजनयिक संबंध समाप्त करने का एलान किया है। ईरान स्थित सऊदी के दूतावास और वाणिज्य दूतावास पर हमले के बाद यह फैसला किया गया। सऊदी अरब के विदेश मंत्री अबेल अल जुबेर ने रविवार देर रात संबंध तोडऩे की घोषणा करते हुए ईरानी राजनयिकों को देश छोडक़र जाने के लिए 48 घंटों का समय दिया।

बहरीन और सूडान भी आये सर्मथन में
सऊदी का समर्थन करते हुए बहरीन और सूडान ने भी ईरान के साथ राजनयिक रिश्ते खत्म कर दिए हैं। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने तेहरान से अपने राजदूत को वापस बुलाते हुए ईरान से राजनयिकों की संख्या घटाने को कहा है। बढ़ते तनाव पर कई देशों ने चिंता जताई है। अमेरिका, जर्मनी और चीन ने ईरान और सऊदी अरब को संयम बरतने और बातचीत से इस संकट का समाधान निकालने की सलाह दी है। रूस ने ईरान और सऊदी अरब के बीच मध्यस्थता की पेशकश की है।

ईरान कहा बड़ी राजनयिक भूल
ईरान ने सऊदी के फैसले को रणनीतिक भूल करार देते हुए कहा है कि राजनयिक संबंध तोडक़र वह धर्मगुरु को मौत की सजा देने की बड़ी गलती से दुनिया का ध्यान नहीं भटका सकता है। इससे पहले 1988 से 1991 तक दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध नहीं थे। गौरतलब है कि अल निम्र और 46 अन्य लोगों को सामूहिक रूप से मौत की सजा शनिवार को दी गई थी। सऊदी अरब में पिछले साढ़े तीन दशक में यह सबसे बड़े स्तर पर दिया गया सामूहिक मृत्युदंड है।

सामने आयी सांप्रदायिक दरार
इस घटना ने शिया-सुन्नी के बीच विभाजन को उजागर कर दिया है। सजा के विरोध में शिया प्रदर्शनकारी बहरीन से पाकिस्तान तक सडक़ों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं। अल निम्र के भाई मोहम्मद अल निम्र की शांति की अपील का भी असर नहीं दिख रहा है। अल निम्र के गांव अवामिया में एक नाराज बंदूकधारी ने पुलिस पर गोली चलाई। गोली लगने से एक व्यक्ति की मौत हो गई और एक बच्चा घायल हो गया। वहीं, इराक राजधानी बगदाद से करीब सौ किमी दूर दक्षिण में स्थित हिल्ला में रविवार रात दो सुन्नी मस्जिदों पर बम फेंके गए। हमलों में एक की मौत हो गई।

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