नई दिल्ली (पीटीआई)। सुप्रीम कोर्ट ने नेटफ्लिक्स और अमेजन प्राइम सरीखे ऑनलाइन मीडिया प्लेटफॉर्मस की कार्यप्रणाली को नियंत्रित करने संबंधी याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई की थी। जिसके बाद सर्वोच्च न्यायालय ने इस मामले में केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। इसमें सरकार को नोटिस जारी कर डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म के कंटेंट पर नियंत्रण लगाने की बात कही गई है।

एनजीओ ने दायर की थी याचिका

दरसल एक एनजीओ ने ऐसे कंटेंट पर रोक लगाने के लिए कुछ समय पहले याचिका दायर की थी, जिसे दिल्ली हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ दायर अपील पर बीते शुक्रवार 10 मई को सुनवाई की। दिल्ली हाईकोर्ट में नेटफ्लिक्स और अमेज़ॅन जैसे ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म पर नियमों के लिए दायर यह याचिका 8 फरवरी को खारिज कर दी गई थी।

See Also

क्या था मामला

यह याचिका दिल्ली स्थित एक एनजीओ की ओर से दायर की गई जिसे जस्टिस फॉर राइट्स नाम की संस्था चलाती है। एडवोकेट होरा ने याचिका में कहा है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बिना लाइसेंस, नियमों के चलता है और नियमित फिल्मों के लिए प्रमाणन जैसा कोई सेंसर बोर्ड भी इसके लिए नहीं है। दलील ने ये भी दावा किया था कि इन प्लेटफार्मों पर दिखाए जाने वाले "सेक्रेड गेम्स", "गेम ऑफ थ्रोन्स" और "स्पार्टाकस" जैसी टेलीविजन सीरीज में स्पष्ट रूप से अश्लील, अभद्र, और नैतिक रूप से अनैतिक सामग्री शामिल है। जो अक्सर महिलाओं को एक ऑब्जेक्ट की तरह दिखाता है"।

Bollywood News inextlive from Bollywood News Desk