रांची : राज्य सरकार अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति के युवक एवं युवतियों को उद्योग लगाने में छूट देगी. उन्हें उद्योग लगाने के लिए आधी कीमत पर जमीन मिलेगी और बकाया राशि का भुगतान 10 किस्तों में पांच साल में करने की सुविधा भी हासिल होगी. मुख्यमंत्री रघुवर दास की अध्यक्षता में हुई झारखंड औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार की आठवीं निदेशक मंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया.

नौकरी देनेवाले बनेंगे

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार राज्य के आदिवासी व दलित पिछड़े युवाओं को उद्योग लगाने में सहयोग करेगी. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे ज्यादा से ज्यादा युवाओं को छोटे-छोटे उद्योग लगाने के लिए प्रेरित करें. उद्योग लगाकर वे भी नौकरी देनेवाले बनेंगे. उनके जीवन में बदलाव आएगा, जिससे झारखंड के विकास में तेजी आएगी. ग्रामीण क्षेत्रों में उद्योगों का जाल बिछने से गांव में भी खुशहाली आएगी. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि बिजनेस मैन और सरकार (बी टू जी) की बैठक हर माह हो. इसके लिए हर जिले के उपायुक्त, जो इसके रिजनल डायरेक्टर होते हैं, हर माह की निश्चित तिथि को बैठक करें. इसमें स्थानीय स्तर पर उद्यमियों को जो समस्या आ रही है, उसके निराकरण में तेजी आएगी. बैठक में वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव केके खंडेलवाल, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ सुनील कुमार वर्णवाल, पथ सचिव केके सोन, जियाडा सचिव सुनील कुमार, स्वतंत्र निदेशक सतेंद्र सिंह समेत अन्य सदस्य उपस्थित थे.

2019-20 के बजट को मंजूरी

बैठक में जियाडा के 2019-20 के बजट को मंजूरी प्रदान की गयी. साथ ही देवघर में प्लास्टिक पार्क के लिए राशि देने, औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली सब स्टेशन व फीडर बनाने के लिए जमीन देने का भी निर्णय लिया गया.