- गोरखपुर-एलटीटी एक्सप्रेस में औचक छापेमारी में हुआ खुलासा, विजिलेंस ने जब्त की ईएफटी

- तलाशी में भी कैश में कम पाया गया पैसा, चल रही कार्रवाई की तैयारी

GORAKHPUR: रेलवे स्टेशन पर पकड़ा गया दिल्ली में बना एक्सेस फेयर टिकट (ईएफटी) में फर्जीवाड़े की आशंका ने रेलवे एडमिनिस्ट्रेशन को एक्टिव कर दिया. दिल्ली से फर्जीवाड़े का मामला सामने आने के बाद संबंधित विभाग और अधिकारियों में हड़कंप मचा है. मामले को गंभीरता से लेते हुए रेलवे की विजिलेंस टीम ने शुक्रवार की रात गोरखपुर-एलटीटी 12541 एक्सप्रेस में औचक छापेमारी की. इस दौरान कोच कंडक्टर के कैश का मिलान कराया गया, जिसमें पैसा कम मिला. गड़बड़ी की आशंका में विजिलेंस टीम ने कोच कंडक्टर का ईएफटी जब्त कर लिया है. ईएफटी और पूरे मामले की गहन जांच शुरू हो गई है. घटना के बाद विजिलेंस एक्टिव हो गई और शनिवार को भी टीम बनाकर गोरखपुर और बाहर के जिलों में भी छापेमारी की गई.

300 रुपए कम मिली रकम

सूत्रों के अनुसार कोच कंडक्टर कैश का मिलान नहीं करा रहा था. दबाव बनाने पर कैश का मिलान हुआ तो 300 रुपये कम मिला. ईएफटी में भी सही किराया और जुर्माना दर्ज नहीं था. यात्रियों ने विजिलेंस को बताया कि उन्होंने एक्स्ट्रा पैसा दिया है, जबकि ईएफटी पर कम दर्ज था. विजिलेंस को ज्वाइंट रिपोर्ट तैयार करने में भी दिक्कतें हुईं. कंडक्टर ने उनका सहयोग नहीं किया. जानकारों का कहना है कि विजिलेंस की सूचना पर शायद कोच कंडक्टर ने कैश बाहर फेंक दिया था या कहीं छिपा दिया था. फिलहाल, मामले की गहनता के साथ जांच शुरू कर दी गई है. विजिलेंस दलालों के नेटवर्क की तलाश में भी जुट गई है. सूत्रों का कहना है कि ईएफटी के खेल में रेलकर्मियों के अलावा बाहरी दलालों की भी अंदर तक सेंधमारी है.

कोच कंडक्टर के कैश मिलान में अंतर पाया गया है. अन्य अनियमितताएं भी मिली हैं. मामले की जांच चल रही है. रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.

- पंकज कुमार सिंह, सीपीआरओ, एनई रेलवे