-बार-बार बुलाने पर भी नहीं आए 115 टीचर्स

-बेसिक शिक्षा विभाग ने टीचर्स की सूची एसटीएफ को सौंपी

-115 फर्जी टीचर्स की कुंडली जांचेगी एसटीएफ

GORAKHPUR: शिक्षा विभाग में फर्जीवाड़े की पोल अब बहुत जल्दी खुलने वाली है. प्रमाण पत्रों के सहारे जिले के विभिन्न स्कूल्स में वर्षो से जमे टीचर्स की कुंडली एसटीएफ जांचेगी. बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से बार-बार सत्यापन के लिए बुलाए जाने के बाद भी ये टीचर्स अपनी दस्तावेजों की सच्चाई साबित करने विभाग नहीं पहुंचे हैं. परेशान होकर विभाग ने इन टीचर्स को संदिग्ध की सूची में डालकर इसका पूरा ब्यौरा एसटीएफ को सौंप दिया है. अब एसटीएफ की जांच के बाद फर्जी टीचर्स पर कड़ी कार्रवाई होगी.

फर्जी प्रमाण पत्र पर कर रहे थे नौकरी

जांच एसटीएफ को मिलने के बाद से कई लोगों ने फर्जी प्रमाण पत्रों पर नौकरी कर रहे लोगों की कम्प्लेन की है. बीएसए के मोबाइल फोन पर भी कई कम्प्लेन दर्ज कराई गई हैं. इसकी प्राथमिक पड़ताल के बाद विभाग ने एक सितंबर से अब 115 टीचर्स की कुंडली तैयार की है, इसमें जिले के लगभग सभी ब्लॉकों के टीचर्स शामिल हैं. इनमें से अधिकतर टीचर्स 2010 के पहले कार्यरत थे. सूची में नाम होने की जानकारी पाकर कुछ टीचर्स कार्यालय पहुंचे भी थे, लेकिन उनके प्रमाण पत्र संदिग्ध पाए गए. इन टीचर्स को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण के लिए बुलाया जा रहा है. लेकिन टीचर्स सत्यापन से कोसों दूर हैं.

सत्यापन से काट रहे कन्नी

सत्यापन के लिए विभाग की ओर से एक बार में 10-12 टीचर्स के समूह को बुलाया जा रहा है. अब तक चली प्रक्रिया के दौरान बुलाए जाने वाले टीचर्स की संख्या बमुश्किल एक या दो के आंकड़े को ही पार कर पा रही है.

10 टीचर्स को इस महीने कर सकते बर्खास्त

बेसिक शिक्षा विभाग ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे नौकरी हासिल करने वाले 30 फर्जी टीचर्स को अब तक बर्खास्त कर चुका है. 10 और फर्जी टीचर्स के प्रमाण पत्र जांच में संदिग्ध मिले हैं. इनके सत्यापन की प्रक्रिया चल रही है. सूत्रों की मानें तो इसी महीने के आखिर तक इन सभी को बर्खास्त किया जा सकता है.

वर्जन

सत्यापन प्रक्रिया में 115 टीचर्स इंट्रेस्ट नहीं दिखा रहे हैं. इनके नाम की सूची एसटीएफ को सौंप दी गई है.

बीएन सिंह, बीएसए