मुंबई (पीटीआई)। कारोबारियों का कहना था कि यूएस फेडरल रिजर्व की हाल की बैठक से यह संकेत मिला था कि महंगाई को तेजी से काबू में करने के लिए केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकते हैं। इसकी वजह से दुनिया भर के शेयर बाजारों में बिकवाली हावी हो गई। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 621.31 अंक या 1.03 प्रतिशत नीचे 59,601.84 अंक के स्तर पर आकर बंद हुआ। इसी तरह एनएसई निफ्टी भी 179.35 अंक या 1 प्रतिशत फिसल कर 17,745.90 अंक पर आ गया।

इंडसइंड बैंक सेंसेक्स पैक में टाॅप गेनर

सेंसेक्स पैक में टेक महिंद्रा टाॅप लूजर रहा। इसके शेयर में 2.5 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई। इसके अलावा बिकवाली के दबाव में टूट कर नुकसान के साथ बंद होने वाले सेंसेक्स पैक में शामिल अन्य शेयरों में अल्ट्राटेक सीमेंट, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचसीएल टेक, एचडीएफसी, कोटक बैंक, एचडीएफसी बैंक और टीसीएस रहे। वहीं दूसरी ओर इंडसइंड बैंक, भारतीय एयरटेल, मारुति, टाइटन और बजाज फाइनेंस सेंसेक्स पैक में बिकवाली के बावजूद मुनाफा बना कर हरे निशान के साथ बंद होने में कामयाब रहे।

ब्याज दर बढ़ाने के संकेत से निवेशकों का भरोसा डगमगाया

यूएस फेड की बैठक के मुताबिक, 14-15 दिसंबर को इसकी पाॅलिसी बैठक होनी है। पाॅलिसी निर्माताओं को विश्वास है कि यूएस जाॅब मार्केट में काफी काम है और कम ब्याज दर की जरूरत नहीं है। रिलायंस सिक्योरिटीज ने एक रिसर्च नोट में कहा कि अनुमान से पहले यूएस फेड द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी के संकेत मिलने से घरेलू शेयर बाजार से निवेशकों ने रुपये बाहर निकाल लिए। इससे निवेशकों का भरोसा डगमगाया है।

एफआईआई ने खरीदे 336.83 करोड़ के शेयर

अमेरिकी शेयर बाजार में भारी बिकवाली के बाद एशिया के शंघाई, सियोल और टोक्यो के शेयर बाजार भी भारी नुकसान के साथ लाल निशान में बंद हुए। वहीं हांगकांग के शेयर बाजारों में कारोबारी सौद लाभ के साथ हरे निशान के साथ खत्म हुए। यूरोपीय शेयर बाजारों में मिड सेशन सौदे बिकवाली के दबाव में नुकसान के साथ किए गए। इंटरनेशनल मार्केट में कच्चा तेल ब्रेंट क्रूड का सौदा 0.25 प्रतिशत तेजी के साथ 81 डाॅलर प्रति बैरल के भाव पर किया गया। एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार को 336.83 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

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