- पुलिस ने काकादेव में बड़े सेक्स रैकेट का खुलासा कर संचालक और उसके दो साथियों को किया गिरफ्तार

- वॉट्सएप पर ग्रुप बनाकर किया जा रहा था ऑपरेट, कॉल गर्ल के साथ ऑन डिमांड लड़के भी सप्लाई किए जाते थे

- कोचिंग मंडी से छात्र-छात्राओं के मोबाइल फोन नंबर लेकर फंसा लेते थे अपने रैकेट में, ब्लैकमेल भी करते थे

- सोशल मीडिया के जरिए कई क्लब की महिलाओं भी ग्रुप में जोड़ते थे, फिर अश्लील चैट के जरिए बढ़ते थे आगे

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KANPUR : काकादेव कोचिंग मंडी के अंदर चल रहे एक और डर्टी बिजनेस का खुलासा हुआ है. फिजिक्स टीचर पर जानलेवा हमले का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ कि पुलिस ने एक सेक्स रैकेट का भंडाभोड़ किया है. इस रैकेट की खास बात ये है कि यह शहर का ऐसा पहला सेक्स रैकेट है, जो डिमांड पर जिगोलो (देहव्यापार करने वाले लड़के) उपलब्ध कराता था. रेलबाजार पुलिस ने संचालक और उसके दो साथियों को गिरफ्तार कर रैकैट का खुलासा किया है. पूरा रैकेट वॉट्स एप के जरिए ऑपरेट किया जा रहा था. अब पुलिस उनके रैकेट में शामिल काल गर्ल और जिगोलो की तलाश कर रही है.

किंग्स ऑफ काकादेव नाम से

काकादेव में कई दिनों से वाट्सएप पर सेक्स रैकेट चलने की शिकायत पुलिस को मिल रही थी. इसी बीच रेलबाजार इंस्पेक्टर मनोज कुमार सिंह रघुवंशी को मुखबिर के जरिए रैकेट संचालक मोहित शुक्ला के बारे में पता चला. जानकारी करने पर सामने आया कि मोहित वाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया में किंग्स ऑफ काकादेव नाम से ग्रुप बनाकर रैकेट चलाता है. इंस्पेक्टर ने मोहित के करीबी की मदद से एक सिपाही का नंबर ग्रुप में जुड़वा लिया. इसके बाद सिपाही ने कस्टमर पर बनकर उससे डील की तो मोहित को उसको मिलने बुलाया. मोहित अपने दो साथी संदीप और सूरज सिंह के साथ मिलने पहुंचा. इस पहले से जाल बिछाए बैठी पुलिस ने घेराबंदी कर तीनों को दबोच लिया.

जिसे पसंद नहीं वो छोड़ देता था ग्रुप

पुलिस पूछताछ में मोहित ने बताया कि वे लोग कोचिंग मंडी में पढ़ने वाले लड़के लड़कियों का नंबर पता कर उनको ग्रुप में जोड़ लेते थे. इसके अलावा वे क्लब और पार्टियों में जाने वाली महिलाओं का नंबर पता कर उन्हें भी ग्रुप में जोड़ लेते थे. इसके बाद वे ग्रुप में अश्लील फोटो और कमेंट पोस्ट करते थे. अगर किसी को उनकी पोस्ट से आपत्ति होती थी तो वह ग्रुप से हट जाता था. बाकी लोगों से वे लोग अश्लील चैट करते थे. वे महिलाओं को जिगोलो और पुरुष को काल गर्ल का ऑफर देते थे. जब कोई तैयार हो जाता था तो वे पैसे जमा कर उनके बताए एड्रेस पर कॉल गर्ल या जिगोलो भेज देते थे.

कई स्टूडेंट्स का फ्यूचर बर्बाद किया

पुलिस को पूछताछ में पता चला कि इस रैकेट ने कई स्टूडेंट्स की जिंदगी बर्बाद कर दी. वे पैसे का लालच देकर स्टूडेंट को फंसाकर उनसे गलत काम करवाते थे. इसके बाद वे उनको ब्लैकमेल करने लगते थे. अगर वे उनकी बात मानने को राजी नहीं होते थे तो वे उनको बदनाम करने की धमकी देकर गलत काम करवाते थे.

डायरी से खुलेंगे साथियों के नाम

पुलिस तीनों की गिरफ्तारी के बाद उनके वाट्सएप ग्रुप के नंबर को खंगाल रही है. पुलिस तीनों से एक एक नंबर तस्दीक कराकर यह पता लगा रही है कि कौन कौन इनके साथी हैं. इसके अलावा पुलिस को इनके पास से डायरी मिली है. जिसमें कई फोन नंबर लिखे हैं. अब पुलिस इन नंबर की सीडीआर खंगाल रही है. इंस्पेक्टर का कहना है कि जल्द ही इनके साथियों को दबोच लिया जाएगा.