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BAREILLY: श्रावण मास का पहला सोमवार अपने आप में दुर्लभ एवं महत्वपूर्ण है. सौम्य योग से सम्पन्न होने के कारण यह अपने आप में सिद्धिदायक है और अमृत योग माना जाता है. इस दिन शिव उपासना से ग्रहों की शांति के साथ भगवान शिव की कृपा प्राप्त होगी. बालाजी ज्योतिष संस्थान के पं. राजीव शर्मा का कहना है कि अपनी राशि के अनुसार शिव जी की आराधना करने से प्राप्त शुभ फलों में वृद्धि होगी. शिवलिंग पर गंगाजल मिश्रित जल, दूध, बिल्व पत्र, मदार के पुष्प, भांग, धतूरे का फल तथा नागकेशर अर्पित करने से शिव जी की पूर्ण कृपा प्राप्त होती है.

राशि अनुसार ग्रह दोष निवारण
मेष राशि: शिवलिंग पर बिल्व पत्र पर सफेद चंदन से श्री रामलिखकर उपरोक्त लिखित सामग्री अर्पित कर ऊं नमो शिवाय, के मंत्र के साथ प्रत्येक बिल्व पत्र अर्पित करें, कार्य सिद्ध होगा.

वृषभ राशि:
दूध-दही से शिवलिंग का अभिषेक करना चाहिए. फिर सादा जल, शक्कर अर्पित करें. इसके बाद दूध मिश्रित जल की धारा के साथ द्वादश ज्योतिर्लिंग के मंत्रों का उच्चारण कर सफेद चंदन से तिलक कर इत्र लगायें.

मिथुन राशि: शिवलिंग पर शहद से अभिषेक करते समय ऊं नम: शिवाय करालं महाकाल कालम कृपालं ऊं नम: का जाप करना चाहिए. इसके बाद गाय को हरा चारा अवश्य ही खिलाएं.

कर्क राशि:
दूध, दही, गंगाजल व मिश्री से स्नान कराना चाहिए. ऊं चंद्र मौलेश्वर नम: का जाप करना चाहिए.

सिंह राशि: शत्रुओं से मुक्ति के लिए इस राशि के जातकों को शुद्ध घी से शिवलिंग को स्नान कराना चाहिए.

कन्या राशि: शिवलिंग पर दूध, घी और शहद से अभिषेक करें. बिल्व पत्र, मदार पुष्प, धतूरा तथा बेल का फल अर्पित कर भांग अर्पित करें.

तुला राशि:
दही और गन्ने के रस से शिवलिंग को स्नान कराते हुए सुगंधित इत्र लगाना चाहिए. स्नान के बाद गरीबों में मिश्री का दान करें.

वृश्चिक राशि: शिवलिंग पर तीर्थ स्थान का जल तथा दूध में शक्कर एवं शहद मिलाकर स्नान कराने के बाद लाल चंदन से तिलक करने आध्यात्मिक लाभ होता है.

धनु राशि:
शिवलिंग को कच्चे दूध हल्दी, केशर, गुड़ मिलाकर ऊं नमो शिवाय गुरु देवाय नम: ऊं का जाप करते हुए स्नान कराना चाहिए. इसके बाद केशर से तिलक करें, पीले फूल अर्पण करें.

मकर राशि:
घी, शहद, दही और बादाम के तेल से अभिषेक के बाद नारियल के पानी से स्नान कराने के बाद नीले पुष्प अर्पित करें तथा यथा सम्भव ऊं नमो शिवाय का जाप करें.

कुम्भ राशि: घी, शहद, शक्कर और बादाम के तेल से अभिषेक के बाद नारियल के जल व सरसों के तेल से तिलक कर रोली लगाने के बाद नीले पुष्प अर्पित करें. इसके साथ ऊं नमो शिवाय, अथवा महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें.

मीन राशि:
शिवलिंग पर तीर्थ स्थान के जल में कच्चा दूध, केशर डालकर स्नान कराना चाहिए. इसके बाद हल्दी से तिलक कर पीले फूल व नागकेशर अर्पित करें. मंत्र ऊं नमो शिवाय गुरुदेवाय नम: ऊं का जप करते रहना चाहिए.