19 हजार ई रिक्शा सिटी में

45 सौ से अधिक ऑटो

04 हजार से अधिक टेम्पो

2.5 लाख रोज करते हैं सफर

- राजधानी में सीट बेल्ट और हेलमेट के तो खूब कट रहे चालान लेकिन ओवर लोडिंग के नहीं

- पिछले तीन माह के दौरान एक भी चालान नहीं हुआ ओवर लोडिंग को लेकर

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LUCKNOW: एक तरफ ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर राजधानी में खूब चालान काटे जा रहे हैं वहीं दूसरी ओर ओवर लोड वाहनों पर किसी की नजर नहीं जा रही है. आलम यह है कि राजधानी में पिछले तीन माह के दौरान ओवर लोडिंग को लेकर एक भी चालान नहीं काटा गया है. जिम्मेदार विभागों के अधिकारियों ने इस समस्या से पूरी तरह मुंह मोड़ रखा है. यह आलम तब है जब ओवर लोडिंग पर 5 हजार रुपए का जुर्माना निर्धारित किया गया है.

नहीं हो रही चेकिंग

मोटर कार संशोधित बिल के लागू होने के बाद राजधानी में ऑटो, टेम्पो में सफर करने वालों को उम्मीद थी कि अब उन्हें ओवर लोडिंग की समस्या से छुटकारा मिलेगी. वे आराम से बैठकर ऑटो, टेम्पो, ई रिक्शा में सफर कर सकेंगे. लेकिन ऐसा हुआ नहीं. शहर के हर रूट पर ऑटो, टेम्पो और ई रिक्शा में निर्धारित से अधिक लोगों को बैठाया जा रहा है.

शिकायत पर भी एक्शन नहीं

परिवहन विभाग के हेल्प लाइन पर ओवर लोडिंग को लेकर लोगों की काफी शिकायतें आई हैं. इसके बाद भी ओवर लोडिंग के खिलाफ कोई अभियान जिम्मेदारों की ओर से नहीं चलाया गया. आलम यह है कि ऑटो में पीछे तीन लोगों को बैठाने का नियम है, लेकिन ऑटो ड्राइवर आगे की सीट पर ही अपने अलावा दो लोगों को खुले आम बैठा रहे हैं. टेम्पो में अधिकतम आठ लोग बैठाए जा सकते हैं लेकिन यहां टेम्पो में पीछे आठ और आगे दो से तीन लोगों को बैठाया जा रहा है. अधिकतर टेम्पो में 11 तक लोग बैठाए जा रहे हैं.

किराया पूरा सुविधा अधूरी

यात्रियों का कहना है कि उनसे किराया तो पूरा लिया जाता है लेकिन ऑटो, टेम्पो और ई रिक्शा में उन्हें सफर के दौरान आराम नहीं मिलता है. ई रिक्शा वाले हमेशा चार की जगह छह से आठ सवारियां बैठाकर चलते हैं. जब कोई इसका विरोध करता है तो वे बीच सफर उतारकर अभद्रता भी करते हैं.

कोट

ओवरलोडिंग करने वाले वाहनों के खिलाफ भी जुर्माना किया जाता है. ऑटो, टेम्पो में निर्धारित सवारियों से अधिक बिठाए जाने पर चालान किया जाता है. इसके लिए जल्द अभियान भी चलेगा.

संजीव गुप्ता, एआरटीओ प्रवर्तन

बॉक्स

तीन माह में एक भी चालान नहीं

ओवर लोडिंग की समस्या को लेकर जिम्मेदार कितने गंभीर हैं, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पिछले तीन माह के दौरान यहां ओवर लोडिंग को लेकर एक भी चालान नहीं किया गया है. बीते 7 जून को राजधानी में ओवर लोडिंग करने वाले वाहनों के खिलाफ 5 हजार रुपए जुर्माने का प्रावधान किया गया था. वहीं नई गाइड लाइन के अनुसार जुर्माना प्रति व्यक्ति एक हजार रुपए रखा गया है.