यह है मामला

श्यामनगर धोबी वाली मस्जिद के पास में रहने वाले इकरामुद्दीन की प्लास्टिक फैक्ट्री है. इकरामुद्दीन के अनुसार कुछ दिन पहले करीमअली मोहल्ले के रहने वाले ग्यासुद्दीन ने साझा कारोबार के लिए कहा था. इसके बाद ग्यासुद्दीन ने इकरामुद्दीन को एक लाख रुपये दिए और स्क्रैप की खरीद-फरोख्त शुरू कर दी. आरोप है कि छह दिन पहले ग्यासुद्दीन ने मुरादाबाद में चालीस लाख रुपए का स्क्रैप खरीदने के बारे में इकरामुद्दीन को बताया था और उससे छह लाख रुपए देने के लिए कहा था.

रास्ते में रुपए लूट लिए

पैसों का इंतजाम होने के बाद ग्यासुद्दीन अपने दो अन्य साथियों कासिम व मोईन को भी साथ में लेकर कार से मुरादाबाद रवाना हुए थे. इकरामुद्दीन का कहना है कि मुरादाबाद में चारों एक होटल में रूके  थे, जहां रात में खाना खाने के बाद वह बेहोश हो गया. अगले दिन जब उसकी आंखें खुली तो वह पटना में था. उसके छह लाख रुपए भी गायब थे. जब उसने अपने रुपयों के बारे में इन लोगों से पूछा तो गयासुद्दीन ने उसे नकली नोटों के मामले में फंसाने की धमकी दी.

पुलिस से की शिकायत

गयासुद्दीन ने धमकी देते हुए कहा कि वह नकली नोटों का धंधा करता है और नकली नोट लेने आया है. आरोप है कि आरोपियों ने उसे फंसाने और जान से मारने की धमकी दी भी दी. लौटते समय आरोपियों ने उसे मुगलसराय स्टेशन पर छोड़ दिया. एसओ लिसाड़ी गेट रविंद्र यादव का कहना है कि घटना की जांच की जा रही है. मामला लेनदेन का है. जांच के बाद ही कुछ कहा जाएगा.